मोतीपुर की बंद चीनी मिल की जमीन बनेगी औद्योगिक विकास का केंद्र, 115 एकड़ में चीनी मिल और 151 एकड़ में लगेंगे अन्य उद्योग

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—मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में औद्योगिक विकास को मिलेगी गति, 266 एकड़ जमीन के उपयोग को राज्य मंत्रिपरिषद की मंजूरी

पटना। मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर में लंबे समय से बंद पड़ी चीनी मिल की जमीन अब औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनने की तैयारी में है। बिहार राज्य चीनी निगम की इस बंद इकाई की कुल 266 एकड़ जमीन के औद्योगिक उपयोग को लेकर राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य मंत्रिपरिषद ने 115.08 एकड़ जमीन पर चीनी मिल की स्थापना तथा शेष 151.58 एकड़ जमीन अन्य उद्योगों की स्थापना के लिए उद्योग विभाग को हस्तांतरित करने की स्वीकृति दे दी है।

इस फैसले से मोतीपुर और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

‘समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार’ के लक्ष्य को मिलेगी मजबूती

सम्राट चौधरी सरकार के सात निश्चय-3 के तहत ‘समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए जमीन उपलब्ध होने से देश और विदेश के निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिल सकती है।

मोतीपुर और आसपास के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में नए उद्योग स्थापित होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने और व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार की संभावना है।

चीनी मिल के लिए अलग, अन्य उद्योगों के लिए अलग जमीन

योजना के तहत 115.08 एकड़ जमीन पर चीनी मिल की स्थापना के लिए औद्योगिक उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं, 151.58 एकड़ जमीन अन्य औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए उद्योग विभाग को हस्तांतरित की जाएगी।

इस व्यवस्था से एक ओर चीनी उद्योग को दोबारा विकसित करने का रास्ता खुलेगा, तो दूसरी ओर विभिन्न क्षेत्रों के उद्यमियों और निवेशकों को भी औद्योगिक इकाइयां लगाने का अवसर मिलेगा।

कृषि आधारित उद्योगों और लॉजिस्टिक्स को मिल सकता है बढ़ावा

मोतीपुर और आसपास का क्षेत्र कृषि प्रधान है। ऐसे में यहां कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, कृषि आधारित उद्योग, भंडारण और माल परिवहन से जुड़ी गतिविधियों के विकास की संभावनाएं हैं।

औद्योगिक उपयोग के लिए जमीन उपलब्ध होने से इन क्षेत्रों में निवेश का रास्ता आसान हो सकता है। इससे स्थानीय कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और विपणन से जुड़ी गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

स्थानीय उद्यमों और रोजगार को मिलेगा अवसर

मोतीपुर की इस जमीन का सुनियोजित औद्योगिक उपयोग क्षेत्र के आर्थिक परिदृश्य में बदलाव ला सकता है। नए कारखानों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के विकास को आधार मिल सकता है।

इसके साथ ही उद्योगों में प्रत्यक्ष रोजगार के अलावा परिवहन, भंडारण, आपूर्ति और अन्य सहायक सेवाओं में भी रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।

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