भ्रष्टाचार के आरोपों पर घिरे IFS अधिकारी, बाबूलाल मरांडी ने लोकायुक्त से जांच और कार्रवाई की मांग की

Share

रांची, 23 जुलाई। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारी राजीव लोचन बख्शी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर लोकायुक्त को पत्र लिखा है। उन्होंने अधिकारी पर भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

लोकायुक्त से एसआईटी जांच और फॉरेंसिक ऑडिट की मांग

बाबूलाल मरांडी ने गुरुवार को लोकायुक्त को भेजे पत्र में आरोप लगाया कि राजीव लोचन बख्शी के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने और सरकारी धन के उपयोग की फॉरेंसिक ऑडिट कराने की मांग भी की है।

मरांडी ने कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में दोषियों पर कार्रवाई होना जरूरी है, ताकि सरकारी व्यवस्था में लोगों का विश्वास बना रहे।

पहले भी एसीबी और राज्यपाल को दे चुके हैं शिकायत

नेता प्रतिपक्ष ने पत्र में बताया कि उन्होंने इससे पहले 25 मार्च को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के अपर पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर राजीव लोचन बख्शी के खिलाफ जांच की मांग की थी।

इसके अलावा उन्होंने 13 अप्रैल को राज्यपाल को भी पत्र भेजकर अधिकारी पर वित्तीय अनियमितता, प्रशासनिक कदाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोपों की उच्चस्तरीय जांच और फॉरेंसिक ऑडिट कराने का आग्रह किया था। हालांकि, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का दावा उन्होंने किया है।

वन विभाग के कार्यकाल से जुड़े आरोपों का किया जिक्र

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि राजीव लोचन बख्शी झारखंड कैडर के चर्चित आईएफएस अधिकारी हैं और उनके कार्यकाल के दौरान कई वित्तीय अनियमितताएं हुईं।

उन्होंने झारखंड महालेखाकार (एजी) की ऑडिट रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि रांची वन प्रमंडल में वर्ष 2013 से 2018 के दौरान जाली मस्टर रोल के जरिए भुगतान, वन भूमि के इस्तेमाल में नियमों की अनदेखी, कैंपा मद की राशि का हिसाब नहीं देने और योजना मद में सामग्री खरीद में अनियमितताओं जैसी बातें सामने आई थीं।

सरकार और विभागों में प्रभाव रखने का लगाया आरोप

मरांडी ने आरोप लगाया कि अधिकारी वर्तमान में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे पदों पर रहते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई जरूरी है।

हालांकि, इस मामले में संबंधित अधिकारी या सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031