नई दिल्ली, 29 जुलाई — भारत ने बाघ संरक्षण के क्षेत्र में अपनी वैश्विक पहचान को और मजबूत किया है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि भारत में अब दुनिया के करीब 75 प्रतिशत बाघ मौजूद हैं। देश में बाघों की कुल संख्या बढ़कर 3,682 हो गई है, जो 58 टाइगर रिजर्व में फैले हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर दी जानकारी
अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर बुधवार को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि बाघों की बढ़ती संख्या भारत के जंगलों की बेहतर स्थिति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति किए जा रहे लगातार प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि भारत की संरक्षण नीतियां और योजनाएं प्रभावी तरीके से काम कर रही हैं।
संरक्षण प्रयासों का मिला सकारात्मक परिणाम
भूपेंद्र यादव ने कहा कि बाघों और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। बाघ संरक्षण के लिए बनाए गए टाइगर रिजर्व, बेहतर निगरानी व्यवस्था और संरक्षण योजनाओं के कारण देश में बाघों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है।
स्थानीय समुदायों को भी जोड़ा जा रहा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बाघ संरक्षण के साथ-साथ जंगलों पर निर्भर स्थानीय समुदायों की आजीविका को मजबूत करना भी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय लोगों के हितों के बीच संतुलन बनाते हुए आगे भी काम जारी रहेगा।
भारत की वैश्विक भूमिका मजबूत
भारत दुनिया में बाघों की सबसे बड़ी आबादी वाला देश बन गया है। बाघ संरक्षण की दिशा में भारत की सफलता को वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। यह उपलब्धि देश के वन क्षेत्रों और जैव विविधता संरक्षण के लिए भी बड़ी सफलता मानी जा रही है।






