—दुनिया के 100 सर्वश्रेष्ठ संग्रहालयों में बिहार संग्रहालय को मिला नौवां स्थान, एशिया में बना सर्वश्रेष्ठ संग्रहालय; उद्योग, कृषि, तकनीक और पर्यटन में साझेदारी का दिया प्रस्ताव
पटना, 30 अक्टूबर । बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। पटना स्थित बिहार संग्रहालय ने दुनिया के 100 सर्वश्रेष्ठ संग्रहालयों की सूची में नौवां स्थान हासिल किया है। वहीं, एशिया में इसे सर्वश्रेष्ठ संग्रहालय का दर्जा मिला है। अंतरराष्ट्रीय यात्रा पत्रिका ‘वर्थ एंड जर्नी’ की ओर से जारी इस सूची में बिहार संग्रहालय की उपलब्धि की देशभर में सराहना हो रही है।
प्रसिद्ध उद्योगपति और महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने भी बिहार संग्रहालय की इस उपलब्धि की तारीफ की है। उनके सकारात्मक रुख पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ के जरिए आभार जताते हुए उन्हें बिहार आने का आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री ने बिहार संग्रहालय देखने का दिया न्योता
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संदेश में लिखा कि आनंद महिंद्रा जी, बिहार की जनता की ओर से आपका हार्दिक आभार। बिहार की गौरवशाली विरासत हमारी पहचान और उपलब्धि का साझा संकल्प है।
उन्होंने आनंद महिंद्रा को बिहार संग्रहालय के भ्रमण और हाई टी पर संवाद के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने उद्योग, कृषि, तकनीक और पर्यटन के क्षेत्र में साझेदारी की संभावनाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी साझेदारी से निवेश और रोजगार के साथ राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।
आनंद महिंद्रा ने भी दिया सकारात्मक जवाब
मुख्यमंत्री के निमंत्रण पर आनंद महिंद्रा ने भी गर्मजोशी से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा कि मुख्यमंत्री का स्नेहपूर्ण और उत्साहजनक जवाब सचमुच दिल छू लेने वाला है। बिहार संग्रहालय को लेकर मुख्यमंत्री का गर्व और लगाव भी उन्हें अच्छा लगा।
आनंद महिंद्रा ने आश्वासन दिया कि जब भी उन्हें बिहार आने का अवसर मिलेगा, वे मुख्यमंत्री के निमंत्रण का लाभ जरूर उठाएंगे।
बिहार की विरासत को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
बिहार संग्रहालय की इस उपलब्धि को राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दुनिया के 100 सर्वश्रेष्ठ संग्रहालयों में नौवां स्थान और एशिया में शीर्ष स्थान मिलने से बिहार की सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा मिली है।






