बिहार में सम्राट सरकार का फ्लोर टेस्ट आज, सियासी तापमान चरम पर

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पटना: बिहार की राजनीति आज एक अहम मोड़ पर खड़ी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार विधानसभा के विशेष सत्र में अपना बहुमत साबित करेगी। यह सत्र नई सरकार के लिए पहली और सबसे बड़ी राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है।

क्या है पूरा गणित?

बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं, जहां बहुमत के लिए 122 विधायकों का समर्थन जरूरी होता है।
सूत्रों के अनुसार, एनडीए गठबंधन के पास फिलहाल करीब 201 विधायकों का समर्थन बताया जा रहा है। इसमें सम्राट चौधरी के साथ-साथ सहयोगी दलों का समर्थन शामिल है।

फ्लोर टेस्ट क्यों अहम?

फ्लोर टेस्ट के जरिए यह साबित किया जाता है कि सरकार के पास सदन में बहुमत है या नहीं। राज्यपाल के निर्देश पर बुलाए गए इस विशेष सत्र में वोटिंग के जरिए यह तय होगा कि सरकार सत्ता में बनी रहेगी या नहीं।

विपक्ष की रणनीति

विपक्ष इस मौके को सरकार को घेरने के बड़े अवसर के रूप में देख रहा है। खासकर नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव जैसे नेताओं की रणनीति पर सभी की नजर है।
संभावना है कि विपक्ष सरकार की स्थिरता, समर्थन जुटाने के तरीके और नीतियों को लेकर सवाल उठाएगा।

सियासी हलचल तेज

  • विधायकों की लगातार बैठकों का दौर जारी
  • पार्टी व्हिप जारी, सभी विधायकों को उपस्थित रहने का निर्देश
  • क्रॉस-वोटिंग की आशंका को लेकर भी सख्त निगरानी

क्या हो सकता है आगे?

अगर सम्राट चौधरी सरकार बहुमत साबित कर लेती है, तो यह उनकी राजनीतिक पकड़ को मजबूत करेगा और सरकार स्थिर मानी जाएगी।
वहीं, किसी भी तरह का उलटफेर बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है।

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