पटना, 04 सितंबर । मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को बिहार में बाढ़ की वर्तमान स्थिति का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर, दियारा एवं निचले इलाकों की स्थिति तथा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया।
हवाई सर्वेक्षण के बाद उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में बाढ़ की स्थिति, नदियों के जलस्तर, तटबंधों की सुरक्षा तथा राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तटबंधों और अन्य संवेदनशील स्थलों पर आवश्यक मरम्मती कार्य तत्काल कराने तथा प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया।
प्रभावित लोगों तक तत्काल पहुंचाएं राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की पहचान कर उनकी सूची तैयार की जाए और उन्हें तत्काल आवश्यक राहत उपलब्ध कराई जाए। किसी भी प्रभावित परिवार को सहायता के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े, यह सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को पूरी तत्परता के साथ राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने का निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासन लोगों के बीच रहकर संवेदनशीलता के साथ काम करे। ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए जिससे प्रभावित लोगों में भय या अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न न हो।
जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ में बेहतर समन्वय
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए। आवश्यकता के अनुसार त्वरित कार्रवाई करते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की पूरी तैयारी रखी जाए।
उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति में जीवन की सुरक्षा, त्वरित राहत और प्रभावी बचाव कार्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ पूरी मुस्तैदी से काम करें।
बक्सर से भागलपुर तक तटबंधों की सतत निगरानी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बक्सर से लेकर भागलपुर तक गंगा नदी के तटबंधों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि तटबंधों में बड़े कटाव या टूट की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन को संवेदनशील स्थलों पर लगातार नजर रखने तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई में भोजन की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में संचालित बाढ़ राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई केंद्रों के माध्यम से लोगों को नियमित रूप से भोजन और आवश्यक राहत उपलब्ध कराई जाए। राहत सामग्री के वितरण में किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए और प्रभावित लोगों तक सामग्री समय पर पहुंचनी चाहिए।
कमांड सेंटर को सीएम डैशबोर्ड से जोड़ने का निर्देश
बाढ़ की स्थिति की प्रभावी और लगातार निगरानी के लिए मुख्यमंत्री ने कमांड सेंटर को सीधे सीएम डैशबोर्ड से लिंक करने का निर्देश दिया। इससे प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रशासनिक कार्रवाई की नियमित निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर से भी की जा सकेगी।

अगले सप्ताह भारी बारिश की संभावना नहीं
समीक्षा बैठक के दौरान बिहार मौसम सेवा केंद्र के अधिकारी ने बताया कि वर्तमान मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले सप्ताह में भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सतर्कता बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी संबंधित विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखें और किसी भी आपात परिस्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम तत्काल उठाएं। राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर कमी नहीं होनी चाहिए।






