—वीबी जी राम जी मिशन के तहत 22 हजार करोड़ रुपये की योजनाएं शामिल करने का निर्देश, रोजगार की 125 दिनों की गारंटी और 15 दिनों में मजदूरी भुगतान पर जोर
पटना, 05 नवंबर । मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ गांवों का समग्र एवं संतुलित विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी जी राम जी के तहत योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में मिशन की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को कई निर्देश दिए।
125 दिनों के रोजगार की गारंटी, 15 दिनों में हो मजदूरी भुगतान
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी जी राम जी मिशन के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में वित्त पोषण की व्यवस्था होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर यानी 15 दिनों में मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
22 हजार करोड़ की योजनाएं शामिल करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण रोजगार और गांवों के समग्र विकास के लिए मिशन के तहत 22 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को शामिल करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण पर 12 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा केंद्रों के साज-सज्जा, पठन-पाठन सामग्री और फर्नीचर के लिए दो लाख रुपये अतिरिक्त खर्च किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि मिशन के तहत अब तक 1.5 लाख योजनाएं ली गई हैं। इनकी संख्या बढ़ाकर तीन लाख की जाए। राज्य के सभी गांवों में बुनियादी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जाए। इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करें और जिलाधिकारी योजनाओं की नियमित निगरानी करें।
आंगनबाड़ी, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, ग्रामीण हाट, खेल मैदान और अन्य जरूरी सुविधाओं के विकास में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने वृक्षारोपण, जल संरक्षण और विद्यार्थियों के लिए खेल मैदानों के निर्माण को भी प्राथमिकता देने को कहा।
मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों को विकसित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर जोर दिया। मिशन के तहत जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका संवर्द्धन और आपदा प्रबंधन की चार प्रमुख श्रेणियों में कार्य कराए जाएंगे।
तकनीक से निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने योजनाओं के चरणबद्ध क्रियान्वयन के साथ उनकी निगरानी में तकनीक के अधिकाधिक इस्तेमाल का निर्देश दिया। उन्होंने कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने, सामाजिक अंकेक्षण की प्रभावी व्यवस्था करने और जनशिकायतों का त्वरित निवारण सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।
उन्होंने ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी आधारभूत संरचनाओं के निर्माण और विकास को विशेष प्राथमिकता देने को कहा।
जल संरक्षण और वनीकरण के कार्यों में तेजी लाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जल संरक्षण के लिए नहरों, जलाशयों और अन्य जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार जरूरी है। इनकी मरम्मत और पुनर्स्थापन के कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं। उन्होंने जिलाधिकारियों को इन कार्यों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया, ताकि योजनाएं समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी हो सकें।
उन्होंने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को जल संरक्षण और वनीकरण के निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप काम करने को कहा। मुख्यमंत्री ने भू-जल स्तर बनाए रखने और भविष्य की जल जरूरतों को पूरा करने के लिए जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने वृक्षारोपण और जल संचयन के कार्यों को समन्वित रूप से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।
बैठक में कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव सीके अनिल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।






