पटना। बिहार के साढ़े तीन करोड़ से अधिक संगठित और असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए राहत की खबर है। राज्य के श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग ने न्यूनतम मजदूरी दर में रोजाना 7 से 10 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। नई दरें एक अक्टूबर से प्रभावी मानी जाएंगी। इसके तहत अकुशल, अर्धकुशल, कुशल और अतिकुशल श्रेणी के कामगारों को पहले की तुलना में अधिक मजदूरी मिलेगी।
चार श्रेणियों के कामगारों की मजदूरी बढ़ी
विभाग ने कामगारों को चार श्रेणियों में बांटा है। अकुशल श्रेणी में 31 तरह के कामगार शामिल हैं। इनकी न्यूनतम मजदूरी में सात रुपये प्रतिदिन की बढ़ोतरी की गई है। अर्धकुशल श्रेणी के 40 तरह के कामगारों को भी रोजाना सात रुपये अधिक मिलेंगे।
वहीं, कुशल श्रेणी के 50 तरह के कामगारों की मजदूरी में नौ रुपये और अतिकुशल श्रेणी के 21 तरह के कामगारों की मजदूरी में 10 रुपये प्रतिदिन की वृद्धि की गई है।
अब किस श्रेणी में कितनी मिलेगी मजदूरी?
नई अधिसूचना के अनुसार न्यूनतम मजदूरी की दरें इस प्रकार हैं:
| कामगारों की श्रेणी | पुरानी दर (रुपये प्रतिदिन) | नई दर (रुपये प्रतिदिन) |
|---|---|---|
| अकुशल | 436 | 443 |
| अर्धकुशल | 452 | 459 |
| कुशल | 551 | 560 |
| अतिकुशल | 672 | 682 |
विभाग की ओर से साल में दो बार, एक अप्रैल और एक अक्टूबर को न्यूनतम मजदूरी की नई दरें लागू की जाती हैं। तकनीकी कारणों से इस बार एक अक्टूबर से पहले दरों में संशोधन नहीं हो सका था। हालांकि, मंगलवार को जारी अधिसूचना को एक अक्टूबर से प्रभावी किया गया है।
शिक्षक और नर्स को भी न्यूनतम मजदूरी का लाभ
विभाग के अनुसार, पहली बार सभी श्रेणियों के कामगारों को न्यूनतम मजदूरी के दायरे में लाया गया है। इसमें शिक्षक, नर्स और अन्य अतिकुशल कामगार भी शामिल हैं। विभाग का कहना है कि शिक्षक या नर्स को भी निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान नहीं किया जा सकता। इनके लिए न्यूनतम मासिक वेतन 17,732 रुपये बताया गया है।
शिकायत पर नियोक्ता पर लग सकता है 50 हजार रुपये तक जुर्माना
विभाग ने कामगारों से अपील की है कि यदि उन्हें निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का लाभ नहीं मिल रहा है तो वे शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए प्रखंड स्तर पर श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, जिला स्तर पर श्रम अधीक्षक या पटना स्थित नियोजन भवन में विभागीय मुख्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
विभाग के मुताबिक, जांच में शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित नियोक्ता पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके लिए टोल फ्री नंबर 155214 भी जारी किया गया है। न्यूनतम मजदूरी की निगरानी के लिए विभाग जल्द ही एक पोर्टल भी शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
कृषि और अन्य कामों की मजदूरी में भी बदलाव
विभाग ने कटनी कार्य को छोड़कर अन्य कामों के लिए मजदूरी 413 रुपये प्रतिदिन से बढ़ाकर 419 रुपये कर दी है। ट्रैक्टर चालक और पंप ऑपरेटर का मासिक वेतन 14,947 रुपये से बढ़ाकर 15,180 रुपये किया गया है। वहीं, ट्रैक्टर खलासी का वेतन 11,633 रुपये से बढ़ाकर 11,814 रुपये मासिक कर दिया गया है।
कटनी कार्य के लिए व्यवस्था अलग रखी गई है। इसके तहत काटी गई फसल के 10 बोझों में से एक बोझा मजदूरी के रूप में देने का प्रावधान बताया गया है।
एक अक्टूबर से प्रभावी होंगी नई दरें
श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि न्यूनतम मजदूरी की नई दरें एक अक्टूबर से प्रभावी होंगी। उन्होंने बताया कि अलग-अलग श्रेणियों के कामगारों की मजदूरी में रोजाना 7 से 10 रुपये तक की वृद्धि की गई है। इससे कामगारों को पहले की तुलना में अधिक भुगतान मिलेगा।






