—289 पंचायतों के किसानों को कृषि इनपुट अनुदान के तहत मिलेगी आर्थिक सहायता, असिंचित फसल के लिए 8,500 और सिंचित क्षेत्र के लिए 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर निर्धारित
पटना, 23 अक्टूबर। बिहार सरकार ने बाढ़ से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत फसल क्षति की भरपाई करने का निर्णय लिया है। राज्य के नौ जिलों के 43 प्रखंडों की 289 चिह्नित पंचायतों के पात्र किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि सितंबर 2026 के अंतिम सप्ताह में नदियों का जलस्तर बढ़ने से आई बाढ़ के कारण किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं।
फसल क्षति की भरपाई सरकार की प्राथमिकता
कृषि मंत्री ने कहा कि बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई कर किसानों को राहत देना सरकार की प्राथमिकता है। कृषि इनपुट अनुदान योजना के माध्यम से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि वे फसल क्षति से उत्पन्न कठिनाइयों से उबरकर आगामी कृषि कार्य जारी रख सकें।
उन्होंने पात्र किसानों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की। मंत्री ने कहा कि किसानों की आर्थिक सुरक्षा, कृषि उत्पादन को बनाए रखने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
फसल के प्रकार के अनुसार मिलेगा अनुदान
कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत फसल के प्रकार और सिंचाई की स्थिति के अनुसार सहायता राशि निर्धारित की गई है।
- वर्षा आधारित असिंचित फसल: 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर।
- सिंचित फसल क्षेत्र: 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर।
- शाश्वत एवं बहुवर्षीय फसलें, जिनमें गन्ना भी शामिल है: 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर।
योजना के तहत अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्र के लिए अनुदान देय होगा। न्यूनतम सहायता राशि असिंचित क्षेत्र के लिए 1,000 रुपये, सिंचित क्षेत्र के लिए 2,000 रुपये और शाश्वत एवं बहुवर्षीय फसलों के लिए 2,500 रुपये निर्धारित की गई है।
इन नौ जिलों के किसान कर सकते हैं आवेदन
बाढ़ प्रभावित किसानों को अनुदान देने के लिए दरभंगा, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, वैशाली, सारण, कटिहार और पटना जिले की चिह्नित पंचायतों को शामिल किया गया है।
प्रभावित प्रखंडों और पंचायतों की सूची डीबीटी कृषि पोर्टल पर उपलब्ध है। योजना का लाभ पात्र पंजीकृत रैयत और गैर-रैयत किसानों को दिया जाएगा।
रैयत और गैर-रैयत किसानों के लिए अलग दस्तावेज
रैयत किसानों को अद्यतन भूमि कब्जा प्रमाणपत्र (एलपीसी) अथवा वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 या 2025-26 की एलपीसी या लगान रसीद प्रस्तुत करनी होगी।
वहीं, गैर-रैयत किसानों को वार्ड सदस्य, मुखिया या सरपंच तथा कृषि समन्वयक से प्रमाणित स्वघोषणा प्रमाणपत्र देना होगा। इसका निर्धारित प्रारूप डीबीटी कृषि पोर्टल पर उपलब्ध है।
आवेदन के दौरान आधार सत्यापन के साथ किसान परिवार का विवरण देना अनिवार्य होगा। परिवार में पति, पत्नी और अवयस्क बच्चे शामिल होंगे। परिवार संबंधी विवरण में अनियमितता पाए जाने पर आवेदन रद्द किया जा सकता है।
13 अंकों की किसान पंजीकरण संख्या जरूरी
इच्छुक किसान कृषि विभाग की वेबसाइट बिहार कृषि विभाग अथवा डीबीटी कृषि पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए 13 अंकों की किसान पंजीकरण संख्या अनिवार्य है।
योजना से संबंधित जानकारी के लिए किसान कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 18001801551 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा किसान अपने संबंधित जिला कृषि पदाधिकारी से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
कृषि विभाग ने पात्र किसानों से अपील की है कि वे 25 अक्टूबर 2026 की अंतिम तिथि से पहले आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन पूरा कर लें, ताकि योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार अनुदान का लाभ मिल सके।






