—सर्जरी सुविधाओं के विस्तार पर जोर, मरीजों को अपने जिले में बेहतर इलाज देने और अनावश्यक रेफरल कम करने की पहल
पटना, 15 अक्टूबर । बिहार सरकार जिला अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, सर्जरी सेवाओं के विस्तार और विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती पर जोर दे रही है। इसी क्रम में राज्य के जिला अस्पतालों में करीब 37 करोड़ रुपये की लागत से 1,947 चिकित्सा उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें से 950 से अधिक उपकरण लगाए जा चुके हैं, जबकि शेष उपकरणों को भी जल्द स्थापित करने की योजना है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
ऑपरेशन थिएटरों की क्षमता बढ़ाने पर जोर
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जिला अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटरों की जरूरतों का आकलन करने के बाद कुल 1,947 उपकरण इकाइयों की आवश्यकता चिह्नित की गई थी। इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) को अधियाचना भेजी गई थी। अब विभिन्न जिला अस्पतालों में उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों की सर्जरी क्षमता बढ़ाना है, ताकि मरीजों को जरूरी ऑपरेशन के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत कम हो। सरकार की योजना है कि मरीजों को अपने जिले में ही बेहतर उपचार मिल सके।
सामान्य सर्जरी से लेकर प्रसव कक्ष तक के लिए उपकरण
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, चिह्नित उपकरणों में सामान्य सर्जरी के ऑपरेशन थिएटर के लिए 529, ऑर्थोपेडिक ऑपरेशन थिएटर के लिए 772, प्रसूति ऑपरेशन थिएटर के लिए 502 और प्रसव कक्ष के लिए 144 इकाइयां शामिल हैं।
इस तरह कुल 50 प्रकार के चिकित्सा उपकरणों की 1,947 इकाइयों की आवश्यकता निर्धारित की गई है। इन उपकरणों की स्थापना से जिला अस्पतालों में विभिन्न प्रकार की सर्जरी और प्रसूति संबंधी सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
आईसीयू और आपातकालीन सेवाओं को भी किया जा रहा मजबूत
जिला अस्पतालों में गहन चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर भी ध्यान दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, वर्तमान में जिला अस्पतालों में 190 आईसीयू बेड और 120 वेंटिलेटर बेड कार्यरत हैं। सभी जिला अस्पतालों में 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध हैं।
मरीजों की स्थिति की गंभीरता के आधार पर प्राथमिकता तय कर जांच और उपचार सुनिश्चित करने के लिए ट्रायज व्यवस्था भी लागू की गई है। इसके अलावा, जरूरत के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती और 76 प्रकार की सर्जरी सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मरीजों को दूर जाने और अतिरिक्त खर्च से मिलेगी राहत
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार के लोगों को इलाज के लिए अनावश्यक रूप से दूर जाने से बचाना है। जिला अस्पतालों में आधुनिक उपकरणों, सक्षम चिकित्सकीय टीम और जरूरी सर्जरी सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ने से मरीजों को अपने जिले में ही उपचार मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि इससे मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी





