अररिया: बिहार के अररिया जिले के जोगबनी में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित चाणक्य चौक करबला मैदान में मुहर्रम के ताजिया जुलूस के दौरान अचानक तनावपूर्ण स्थिति बन गई। नेपाल के रानी (मटियरवा) क्षेत्र से आए जुलूस की ओर से कथित पत्थरबाजी के बाद मौके पर अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई।
पत्थरबाजी से दुकानों को नुकसान
घटना के दौरान करबला मैदान के आसपास स्थित कई दुकानों के शीशे टूट गए। स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों के घायल होने की चर्चा है, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सीमा में प्रवेश रोकने पर बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार जोगबनी के विभिन्न इलाकों से आए ताजिया जुलूस शांतिपूर्वक करबला मैदान में मौजूद थे। इसी बीच नेपाल के रानी क्षेत्र से आया जुलूस भारतीय जुलूस में शामिल होना चाहता था, लेकिन सुरक्षा कारणों से पुलिस ने उन्हें भारतीय सीमा में प्रवेश की अनुमति नहीं दी। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ और स्थिति बिगड़ गई।
एसएसबी और पुलिस ने संभाली स्थिति
बवाल की सूचना मिलते ही कार्यपालक पदाधिकारी मयंक कुमार, जोगबनी थानाध्यक्ष महादेव कामत और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के अधिकारी हरेंद्र सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया।
दोनों पक्षों के बीच झड़प की पुष्टि
56वीं वाहिनी एसएसबी बथनाहा के अनुसार, सीमा स्तंभ संख्या 179/02 के पास दोनों देशों के मुस्लिम समुदाय मुहर्रम मना रहे थे, तभी अचानक दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी और लाठी-डंडे से झड़प हो गई।
जवानों ने उपद्रवियों को खदेड़ा
एसएसबी के जवानों ने तुरंत हस्तक्षेप कर उपद्रवियों को खदेड़ा और हालात पर नियंत्रण पाया। एसएसबी मुख्यालय के मुताबिक इस घटना में किसी जवान को चोट नहीं आई है।
संवेदनशील इलाकों में कड़ी सुरक्षा
तनाव को देखते हुए करबला मैदान, चाणक्य चौक और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में पुलिस और एसएसबी की तैनाती कर दी गई है। लगातार गश्त जारी है और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में रखा गया है।

प्रशासन की अपील और जांच शुरू
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की बात कही है।
“नेपाल का ताजिया भारत के ताजिया के साथ शामिल होना चाहता था, जिसे सुरक्षा कारणों से रोका गया। मामले की जांच की जा रही है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।”
— महादेव कामत, थानाध्यक्ष, जोगबनी
भारत-नेपाल जैसे संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनती हैं। प्रशासन की तत्परता से हालात पर काबू पा लिया गया, लेकिन इलाके में अभी भी सतर्कता बरती जा रही है।






