बार काउंसिल ऑफ दिल्ली चुनाव में यू-टर्न, निलंबन आदेश रद्द, 63 उम्मीदवारों को मिली मंजूरी

Share

नई दिल्ली। बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (बीसीडी) के चुनाव से निलंबित 63 उम्मीदवारों का निलंबन वापस ले लिया गया है। निर्वाचन अधिकारी सेवानिवृत्त जस्टिस तलवंत सिंह के हस्ताक्षर से आज जारी नोटिफिकेशन में इस बात की घोषणा की गई। नोटिफिकेशन में इन 63 उम्मीदवारों को आगे भी आचार संहिता का पालन करने को कहा गया है।

निर्वाचन अधिकारी के नोटिफिकेशन में कहा गया है कि 63 उम्मीदवारों ने निलंबन के आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी, जिसे मंजूर कर लिया गया। बाकी 16 दूसरे उम्मीदवारों को अपील दायर करने के लिए 12 घंटे का समय और दिया गया है। नोटिफिकेशन में साफ किया गया है कि निलंबित 16 उम्मीदवारों के पक्ष में भी वोट डाला जा सकेगा।

बीसीबी चुनाव के दूसरे दिन रविवार को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में कुल 79 उम्मीदवारों को चुनाव से निलंबित कर दिया गया था। दूसरे दिन मतदान के दौरान जस्टिस तलवंत सिंह पूरे परिसर में घूम कर आचार संहिता के उल्लंघन का मुआयना कर रहे थे। जिन उम्मीदवारों के बैनर और पोस्टर मतदान स्थल पर पाए गए उनकी वीडियोग्राफी की गई। जिन उम्मीदवारों के समर्थक आज पर्चे उड़ा रहे थे, उनकी भी वीडियोग्राफी कराई गई। जिन 79 उम्मीदवारों को चुनाव से निलंबित किया गया है उन्हें 12 घंटे के अंदर अपील करने का मौका दिया गया था।

मतदान के पहले दिन जारी किए गए दिशानिर्देशों की धज्जियां उड़ गईं और शेरशाह मार्ग को दोनों तरफ की सड़कों पर पर्चों का सैलाब दिखाई दिया। उम्मीदवारों के समर्थक पर्चा उड़ाते हुए दिखे। मतदान आज तीसरे दिन सोमवार को भी जारी है, जो दिल्ली हाई कोर्ट में चल रहा है। मतदान का समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक का है। इस मतदान के जरिये 25 सदस्यीय बीसीडी के 23 सदस्यों का चुनाव किया जाएगा। इस चुनाव में कुल 221 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस चुनाव में पहली बार महिलाओं के लिए 30 फीसदी सीटें आरक्षित की गई हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद महिला उम्मीदवारों को बीसीडी में 30 फीसदी आरक्षण मिला है।

बीसीडी चुनाव आयोजित करा रहे निर्वाचन समिति की ओर से जारी आदर्श आचार संहिता में कहा गया है कि कोई भी उम्मीदवार कोई पार्टी, भंडारा, इफ्तार या जन्मदिन का आयोजन नहीं करेगा। इस दिशा-निर्देशों का तोड़ निकालते हुए उम्मीदवारों के नाम पर दूसरे लोग पार्टी, भंडारा इत्यादि का आयोजन करा रहे थे। आदर्श आचार संहिता में कहा गया था कि प्रचार अभियान के लिए ब़ड़ी मात्रा में मैसेज सेवा का उपयोग नहीं किया जाएगा, लेकिन कई उम्मीदवारों ने बड़ी मात्रा में व्हाट्सऐप और एसएमएस भेजने के लिए एजेंसियों को हायर किया था। बीसीडी के चुनाव में प्रचार-प्रसार के लिए उम्मीदवारों को दस लाख रुपये से अधिक खर्च करने की अनुमति नहीं थी।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31