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बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर, राष्ट्रपति मुर्मू ने पोषण और शिक्षा को बताया जरूरी

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नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि देश के भविष्य हमारे बच्चे हैं और उन्हें पौष्टिक भोजन तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने मंगलवार को अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा पांच अरब भोजन परोसने की उपलब्धि के उपलक्ष्य में राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

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उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने गर्भवती महिलाओं और बच्चों को बेहतर पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू की हैं। पीएम पोषण के तहत चल रहा स्कूल मध्याह्न भोजन कार्यक्रम अभिभावकों के लिए बच्चों को स्कूल भेजने का एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन साबित हुआ है। कई अध्ययनों से यह स्पष्ट हुआ है कि इस योजना से बच्चों के नामांकन, उपस्थिति और स्कूल में टिके रहने की दर में वृद्धि हुई है, साथ ही उनकी सीखने की क्षमता और शैक्षणिक प्रदर्शन में भी सुधार हुआ है।

राष्ट्रपति ने कहा कि अक्षय पात्र फाउंडेशन ‘समग्र शिक्षा अभियान’ के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक सभी बच्चों को समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। उन्होंने पांच अरब भोजन उपलब्ध कराने की उपलब्धि को सराहनीय बताते हुए कहा कि कार्यक्रम की थीम ‘पोषित और शिक्षित भारत से विकसित भारत’ हमारे राष्ट्रीय संकल्प ‘विकसित भारत 2047’ को साकार करने में पोषण और शिक्षा की अहम भूमिका को दर्शाती है।

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राष्ट्रपति ने कहा कि बच्चों का सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों की साझा जिम्मेदारी है। जब शिक्षक, अभिभावक, सामाजिक संगठन, कॉरपोरेट क्षेत्र और समाज के सभी लोग मिलकर कार्य करते हैं, तभी आने वाली पीढ़ी के लिए मजबूत नींव तैयार होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन में अवसरों का निर्धारण करती है और उसे सशक्त बनाती है। स्कूल बच्चों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक कौशल और अनुभव प्रदान करता है।

राष्ट्रपति ने पिछले 25 वर्षों से बच्चों में कुपोषण दूर करने और उन्हें शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के लिए मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने के कार्य में जुटे अक्षय पात्र फाउंडेशन की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चे केवल इस योजना के लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माता हैं। आज उन्हें मिलने वाला पौष्टिक भोजन देश की मानव पूंजी में निवेश है, जो वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्कॉन के संस्थापक-आचार्य श्रील प्रभुपाद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा से यह निःस्वार्थ खाद्य वितरण पहल शुरू हुई और आज एक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। 25 वर्षों की यह यात्रा आसान नहीं रही। आज इस जनआंदोलन के सबसे बड़े लाभार्थियों में से एक भारत का शिक्षा क्षेत्र है। 16 राज्यों और 25 हजार से अधिक स्कूलों में आप प्रतिदिन 23.5 लाख बच्चों को पौष्टिक भोजन प्रदान कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जब तक हमारे बच्चे और युवा सुपोषित नहीं होंगे, तब तक भारत अपनी पूर्ण क्षमता को प्राप्त नहीं कर सकता। आज भारत का विकास केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक दक्षिण और मानवता के कल्याण के प्रति भी उसकी जिम्मेदारी है। यही ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की हमारी भावना का सार है। अक्षय पात्र फाउंडेशन पीएम पोषण योजना के एक महत्वपूर्ण कार्यान्वयन भागीदार के रूप में उभरा है। गुणवत्ता, स्वच्छता और नवाचार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के माध्यम से इसने इस मिशन को और सशक्त बनाया है। यह साझेदारी इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि सरकार, समाज और संस्थाएं मिलकर देश की जटिल चुनौतियों का समाधान कैसे कर सकती हैं। देश के हर बच्चे तक पौष्टिक भोजन पहुंचाना केवल सेवा नहीं, बल्कि भविष्य के प्रति हमारा संकल्प है। यह देश के युवाओं के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का हर बच्चा सुपोषित होगा और हर बच्चा स्कूल में बना रहेगा।

अक्षय पात्र के संस्थापक-चेयरमैन और इस्कॉन बेंगलुरु के अध्यक्ष मधु पंडित दास ने कहा कि जब हम मानवता की सेवा के 25 वर्ष और 5 अरब भोजन परोसने की उपलब्धि का उत्सव मना रहे हैं, तब हम श्रील प्रभुपाद के उस महान संकल्प को दोहराते हैं कि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। यह कार्यक्रम अक्षय पात्र से जुड़े सभी लोगों को बच्चों की सेवा और अधिक उत्साह के साथ जारी रखने के लिए प्रेरित करता है। जैसे-जैसे भारत ‘विकसित भारत’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है, ये उपलब्धियां स्कूल पोषण कार्यक्रमों को और सशक्त बनाने तथा अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंचने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।अक्षय पात्र के वाइस चेयरमैन चंचलापति दास ने कहा कि हमें विश्वास है कि अक्षय पात्र की सफल सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी) भविष्य में और अधिक बच्चों को पोषण और शिक्षा तक आसान पहुंच दिलाने में मदद करेगी और वे आने वाले वर्षों में नए और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देंगे।

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