कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी माहौल गरमाते जा रहा है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कटवा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए नागरिकता, घुसपैठ और समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों पर भाजपा का स्पष्ट रुख रखा।
सीएए लागू करने की प्रक्रिया होगी तेज
प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती है, तो नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) के तहत नागरिकता देने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से मतुआ और नामशूद्र शरणार्थी परिवारों को इसका लाभ मिलने की बात कही।
घुसपैठ पर सख्त रुख
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने अवैध घुसपैठ को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि “घुसपैठियों को अब अपना सामान बांध लेना चाहिए, भाजपा सरकार बनने पर उन्हें बंगाल छोड़ना होगा।” उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद शरणार्थियों को नागरिकता देना है, न कि उन्हें डराना।
ममता सरकार पर निशाना
प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में राज्य में भय और असुरक्षा का माहौल बना है। उन्होंने इसे “तृणमूल के डर” का शासन बताया।
भ्रष्टाचार पर श्वेतपत्र का वादा
भाजपा के एजेंडे को सामने रखते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता में आने पर तृणमूल सरकार के भ्रष्टाचार पर श्वेतपत्र जारी किया जाएगा और राजनीतिक हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आलू किसानों की समस्याओं के लिए भी राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
महिलाओं और स्वास्थ्य योजनाओं पर फोकस
महिला मतदाताओं से अपील करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां महिलाओं की अधिक भागीदारी होती है, वहां भाजपा को मजबूत समर्थन मिलता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार बनने पर पहली कैबिनेट बैठक में आयुष्मान भारत योजना लागू की जाएगी और राज्य की मौजूदा योजनाओं में पारदर्शिता लाई जाएगी।
दो चरणों में होगा मतदान
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होगा, जबकि मतों की गिनती 4 मई को की जाएगी।






