काठमांडू। नेपाल में नदी स्तर पर जलविज्ञान (हाइड्रोलॉजिकल) पूर्वानुमान और प्रारंभिक चेतावनी सेवा का संचालन शुरू हो गया है। फ्रांसीसी संस्था ब्लू वाटर इंटेलिजेंस (बीडब्ल्यूआई) ने नेपाल में नदी प्रवाह पूर्वानुमान सेवा की शुरुआत की है। ‘हाइड्रो नेपाल’ परियोजना के तहत शुरू की गई यह सेवा जलविद्युत परियोजनाओं की योजना और संचालन, आपदा पूर्व तैयारी तथा जलस्रोत प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लागू की गई है। यह परियोजना फ्रांस के अर्थव्यवस्था, वित्त, उद्योग एवं डिजिटल संप्रभुता मंत्रालय के सहयोग और वित्तीय समर्थन से संचालित की जा रही है। इसमें नेपाल विद्युत प्राधिकरण परियोजना का साझेदार और लाभग्राही है।
रविवार को काठमांडू में आयोजित कार्यक्रम में नेपाल के लिए फ्रांस की राजदूत वर्जिनी कोर्तेवाल, नेपाल विद्युत प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक हितेन्द्र देव शाक्य, त्रिभुवन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीपक आर्याल सहित जल, ऊर्जा और अनुसंधान क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भाग लिया । परियोजना के अंतर्गत पृथ्वी अवलोकन, एआई और हाइड्रोलॉजिकल मॉडलिंग तकनीकों का उपयोग करते हुए अपर कर्णाली, मर्स्याङ्दी, त्रिशूली और दूधकोशी नदी में नदी प्रवाह पूर्वानुमान और प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली को लागू किया गया है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फ्रांसीसी राजदूत कोर्तेवाल ने कहा कि फ्रांस की हाइड्रोलॉजिकल विशेषज्ञता और नेपाल की नदी प्रणालियों के बीच सहयोग से आर्थिक विकास और आपदा प्रबंधन में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। बीडब्ल्यूआई के जलविज्ञानी डॉ. अनिल खनाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग और डिजिटल नवाचार से नेपाल की जल और ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि आने वाले समय में इस सेवा को अन्य नदी बेसिनों तक विस्तार करने की तैयारी है।
कार्यक्रम के दौरान जल, ऊर्जा और जलवायु सहनशीलता से संबंधित एक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें सरकारी निकायों, निजी क्षेत्र और शोधकर्ताओं ने नेपाल की प्रमुख जल संबंधी चुनौतियों के समाधान में प्रौद्योगिकी के उपयोग पर विचार-विमर्श किया गया।





