प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में जार्ज टाउन थाना क्षेत्र स्थित केपी कॉलेज के पीछे एक तालाब में बुधवार को सेना का ट्रेनी विमान गिर गया है। घटना के बाद पुलिस और सेना के तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच रेस्कयू अभियान शुरू कर दिया। इस कार्रवाई में दो पायलटाें को बचा लिया गया है। मामूली चोट आने पर उन्हें अस्पताल भेजा गया है।
बीच शहर में हड़कंप, तालाब में गिरा प्लेन
हादसा दोपहर करीब 12:30 बजे जॉर्ज टाउन थाना क्षेत्र के केपी कॉलेज के पीछे स्थित तालाब में हुआ। चश्मदीदों के मुताबिक, विमान हवा में लड़खड़ाया और सीधे जलकुंभी से भरे तालाब में जा गिरा। विमान के गिरते ही तेज धमाका हुआ और काला धुआं उठने लगा, जिससे आसपास की रिहायशी कॉलोनियों और स्कूल में अफरा-तफरी मच गई।
प्रशिक्षण उड़ान पर था विमान
प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह विमान नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर था। उड़ान के दौरान किसी तकनीकी खराबी या अन्य अप्रत्याशित परिस्थितियों के चलते विमान संतुलन खो बैठा और क्रैश हो गया। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि फिलहाल नहीं हो पाई है।
पायलटों की सूझबूझ और स्थानीय लोगों की मदद
विमान के क्रैश होने से ठीक पहले दोनों पायलटों ने इमरजेंसी पैराशूट की मदद से छलांग लगा दी। पायलट तालाब के दलदली इलाके में गिरे, जिन्हें वहां मौजूद स्थानीय लोगों और मछुआरों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला। वायुसेना के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दोनों पायलट सुरक्षित हैं और उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया है।
रेस्क्यू ऑपरेशन तुरंत शुरू
हादसे की सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। सेना की ओर से रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए हेलीकॉप्टर मौके पर भेजे गए हैं। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सेना की टीमें तेजी से घटनास्थल की ओर रवाना हुईं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
इलाका सील, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
सुरक्षा कारणों को देखते हुए दुर्घटनास्थल के आसपास के इलाके को सील कर दिया गया है। आम नागरिकों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है, ताकि राहत कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए और किसी अन्य खतरे की संभावना से बचा जा सके।
आधिकारिक बयान का इंतजार
सेना की ओर से अभी तक इस दुर्घटना को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक जांच और रेस्क्यू ऑपरेशन के पूरा होने के बाद ही घटना से जुड़ी अधिकृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। यह विमान वायुसेना स्टेशन बमरौली से नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर था। घटनास्थल से माघ मेला क्षेत्र मात्र 3 किमी की दूरी पर है, जिससे प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा घेरा बनाकर भीड़ को नियंत्रित किया।





