अबू धाबी/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने पांच देशों के दौरे की शुरुआत संयुक्त अरब अमीरात से की। गुरुवार सुबह रवाना होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी यूएई पहुंच गए, जहां उनका राजकीय सम्मान के साथ स्वागत किया गया।
गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ सम्मान
अबू धाबी पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यह दौरा भारत और यूएई के बीच रणनीतिक और ऊर्जा सहयोग को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

यूएई राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी आबू धाबी में यूएई के राष्ट्रपति Mohamed bin Zayed Al Nahyan से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों, ऊर्जा सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
ऊर्जा समझौतों पर लग सकती है मुहर
सूत्रों के अनुसार, भारत और यूएई के बीच लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से जुड़े दो महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।
ऊर्जा सुरक्षा पर रहेगा विशेष फोकस
प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे का मुख्य फोकस ऊर्जा सुरक्षा माना जा रहा है। ईरान युद्ध और वैश्विक तनाव के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। ऐसे में भारत अपनी तेल और गैस जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए यूएई के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
रूस से तेल आयात को लेकर बढ़ी चिंता
रूस से तेल खरीद पर अमेरिका द्वारा दी गई छूट 16 मई तक के लिए है। यदि यह छूट आगे नहीं बढ़ाई गई तो भारत को रूसी कच्चे तेल के आयात में कमी करनी पड़ सकती है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत ने अमेरिका से इस छूट को आगे बढ़ाने की अपील की है, ताकि ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न हो और भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव कम रहे।

पांच देशों की यात्रा पर रहेंगे मोदी
यूएई के बाद प्रधानमंत्री मोदी Netherlands, Sweden, Norway और Italy का दौरा करेंगे। इस यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, ऊर्जा और वैश्विक साझेदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।






