पलामू। केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तावित यू.जी.सी. बिल के विरोध में स्वर्ण एकता मंच के बैनर तले पलामू के हुसैनाबाद में मंगलवार को प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने अंबेडकर चौक से जुलूस की शक्ल में मार्च करते हुए जेपी चौक होते हुए अनुमंडल कार्यालय परिसर पहुंचे एवं राज्यपाल के नाम अनुमंडल पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि यू.जी.सी. बिल स्वर्ण समाज को अप्रत्यक्ष रूप से दोषी ठहराने की मानसिकता को दर्शाता है, जो न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि सामाजिक समरसता के भी विपरीत है। स्वर्ण समाज का मान-सम्मान और अधिकार भी अन्य सभी वर्गों के समान हैं, लेकिन प्रस्तावित बिल में सवर्ण समाज के लिए किसी प्रकार का समुचित स्थान नहीं दिया गया है।
स्वर्ण एकता मंच ने मांग की कि वर्ग आधारित कानून बनाने के बजाय जुर्म आधारित कानून बनाया जाए, ताकि दोषी व्यक्ति के विरुद्ध नियमसंगत कार्रवाई हो सके, न कि किसी विशेष वर्ग को निशाना बनाया जाए। मंच ने केन्द्र सरकार से यू.जी.सी. बिल को अविलंब निरस्त करने अथवा उसमें आवश्यक संशोधन करने की मांग की।
सभा में अधिवक्ता प्रेमतोष कुमार सिंह ने कहा कि यह कानून समाज को बांटने वाला है और इससे सामाजिक संतुलन को गंभीर क्षति पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि स्वर्ण समाज किसी भी प्रकार के अन्याय को स्वीकार नहीं करेगा और यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक इस कानून को वापस नहीं लिया जाता या इसमें संशोधन नहीं किया जाता।
अन्य वक्ताओं ने कहा कि स्वर्ण समाज के सांसद, विधायक और विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े जनप्रतिनिधियों की यह जिम्मेदारी है कि वे संसद और विधानसभा में समाज के हित में आवाज उठाएं। यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा देकर जनता के बीच आना चाहिए। एक फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मुकेश सिंह, योगेंद्र कुमार सिंह, अजीत कुमार सिंह, सुनील कुमार सिंह, अंबिका सिंह, सुशील कुमार सिंह, अवध बिहारी सिंह, रामाधार सिंह, विंध्याचल सिंह, नंदकिशोर सिंह, रामप्रवेश सिंह, भृगुनाथ सिंह, रविंद्र सिंह सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।





