पटना। राजधानी पटना के मनेर थाना क्षेत्र में शेरपुर गंगा घाट के पास शुक्रवार तड़के पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। करीब 20 मिनट तक चली गोलीबारी में तीन अपराधियों की मौत हो गई, जबकि मनेर थानेदार रजनीश कुमार घायल हो गए। मुठभेड़ के बाद तीनों के शव पोस्टमार्टम के लिए दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल लाए गए। इसकी जानकारी मिलते ही मृतकों के परिजन अस्पताल पहुंच गए और जमकर हंगामा किया।
करीब 20 मिनट तक चली गोलीबारी, 42 राउंड फायरिंग
एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 4:30 बजे पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान अपराधियों ने पुलिस टीम पर 24 राउंड गोलियां चलाईं। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने 18 राउंड फायरिंग की। दोनों ओर से करीब 20 मिनट तक गोलीबारी होती रही।
अपराधियों की ओर से चलाई गई गोली मनेर थानेदार रजनीश कुमार की बांह को छूते हुए निकल गई, जिससे वह घायल हो गए। मुठभेड़ समाप्त होने के बाद पुलिस तीनों को अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
तीनों मृतकों की हुई पहचान
मृतकों की पहचान दानापुर थाना क्षेत्र के न्यू ताराचक निवासी जेपी यादव, शाहपुर थाना क्षेत्र के गंगहारा निवासी राजेश शर्मा और मनेर के सुअरमरवा निवासी बबलू कुमार के रूप में हुई है।
एसएसपी ने बताया कि दुर्गाष्टमी के दिन मनेर में हुई एक हत्या के मामले में तीनों वांछित थे। पुलिस के अनुसार, तीनों का आपराधिक इतिहास भी रहा है।
अस्पताल में परिजनों का हंगामा, शव देखने की मांग

तीनों के शव पोस्टमार्टम के लिए दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचते ही उनके परिजन भी वहां जुटने लगे। परिजन शव देखने की मांग पर अड़ गए और एंबुलेंस तक पहुंच गए। इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई। हंगामे के कारण तीनों शव काफी देर तक एंबुलेंस में ही पड़े रहे।
सूचना मिलने पर एसडीपीओ अजीत कुमार भी अस्पताल पहुंचे, लेकिन परिजन उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थे।
मुखबिरी के आरोप में एक व्यक्ति की पिटाई
अस्पताल में हंगामे के दौरान एक व्यक्ति के पहुंचते ही मृतकों के परिजन उस पर टूट पड़े और उसकी जमकर पिटाई कर दी। परिजनों का आरोप था कि उसी व्यक्ति ने पुलिस को मुखबिरी कर मुठभेड़ करवाया है। पुलिस ने किसी तरह हस्तक्षेप कर उसे भीड़ से बचाया।

परिजनों ने पुलिस के दावे पर उठाए सवाल
दूसरी ओर, मृतकों के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। जेपी यादव के भाई रामाशीष यादव ने दावा किया कि पैक्स अध्यक्ष हत्याकांड में तीनों का नाम नहीं था। वहीं, राजेश शर्मा के भाई ने बताया कि गुरुवार शाम को उनकी राजेश से बातचीत हुई थी।
फिलहाल मुठभेड़ और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। पुलिस की ओर से मामले में आगे की जांच की जा रही है।






