–राजभवन मार्च कर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे प्रदर्शनकारी, गांधी मैदान समेत प्रमुख इलाकों में पुलिस तैनात
पटना। बिहार में मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (आरवाईए) के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान गांधी मैदान में प्रदर्शनकारियों ने ‘बिहार चुनाव रद्द करो’ के नारे लगाए। संगठनों की ओर से राजभवन मार्च निकालकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने की तैयारी की गई है।
प्रदर्शन को देखते हुए पटना के प्रमुख इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। गांधी मैदान, डाकबंगला चौराहा, एसपी वर्मा रोड और होटल मौर्य के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धरना-प्रदर्शन के लिए गर्दनीबाग स्थित निर्धारित स्थल का ही इस्तेमाल किया जाए। तय स्थान के अलावा शहर के अन्य हिस्सों में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
संदीप सौरभ ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
भाकपा-माले विधायक संदीप सौरभ ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए और नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया में भी पक्षपात हुआ।

संदीप सौरभ ने दावा किया कि चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर और वेबसाइट से जुड़ी प्रक्रिया को केंद्रीकृत किए जाने के कारण स्थानीय अधिकारियों की भूमिका सीमित हो गई है। उन्होंने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ये आरोप विपक्ष और प्रदर्शनकारी संगठनों की ओर से लगाए गए हैं।
एसआईआर के दौरान नाम काटने का आरोप
आइसा की राज्य उपाध्यक्ष सवा ने कहा कि बिहार में सबसे पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया लागू की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। कुछ मामलों में जीवित लोगों को मृत घोषित किए जाने का दावा भी उन्होंने किया।

सवा के मुताबिक, संगठन की ओर से की गई जांच में ऐसे मामले सामने आए, जिनमें जीवित लोगों के नाम कथित तौर पर मृतकों की सूची में दर्ज थे। उन्होंने दावा किया कि इसके कारण संबंधित लोग मतदान के अधिकार से वंचित रह गए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने की तैयारी
आइसा की राज्य उपाध्यक्ष के अनुसार, राजभवन मार्च के बाद राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। इसके अलावा एसआईआर को रद्द करने तथा बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग भी उठाई जाएगी।

प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर जवाबदेही तय होनी चाहिए। वे इस मुद्दे को लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा सवाल बता रहे हैं।
प्रशासन ने गर्दनीबाग में प्रदर्शन करने की अपील की
पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने कहा है कि शहर में विधि-व्यवस्था बनाए रखना और यातायात सुचारु रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। धरना-प्रदर्शन के लिए गर्दनीबाग में निर्धारित स्थल तय किया गया है। उन्होंने कहा कि निर्धारित स्थल से बाहर प्रदर्शन होने पर सड़कों पर जाम लग सकता है, जिससे आम लोगों को परेशानी होगी।

प्रशासन के अनुसार, ऐसे आयोजनों से स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और न्यायालय जैसे संस्थानों के कामकाज पर असर पड़ने की आशंका रहती है। व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होने के साथ एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही में भी बाधा आ सकती है। बुजुर्गों, बीमार लोगों और स्कूली बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
इसी को देखते हुए प्रशासन ने प्रदर्शनकारी संगठनों से निर्धारित स्थल पर ही कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की है।






