कुशीनगर, 31 अगस्त। नेपाल में आई भीषण बाढ़ का असर अब उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में भी दिखाई दे रहा है। नेपाल से निकलने वाली नारायणी नदी, जिसे भारत में गंडक नदी के नाम से जाना जाता है, इन दिनों उफान पर है। तेज धारा के साथ नेपाल से मानव शव, मृत पशु और अन्य सामान बहकर कुशीनगर के गंडक नदी क्षेत्र तक पहुंच रहे हैं। जिला प्रशासन के मुताबिक, अब तक नदी से 13 शव बरामद किए जा चुके हैं।
एसडीआरएफ लगातार चला रही रेस्क्यू अभियान
शवों की बरामदगी के लिए प्रशासन की निगरानी में एसडीआरएफ की टीम नदी और आसपास के इलाकों में लगातार अभियान चला रही है। नदी की तेज धारा और प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू टीम को अभियान के दौरान विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है। प्रशासन ने नदी क्षेत्र में निगरानी भी बढ़ा दी है।
छह शव मेडिकल कॉलेज की मॉर्चरी में सुरक्षित
प्रशासन के अनुसार, बरामद 13 शवों में से छह को कुशीनगर राजकीय मेडिकल कॉलेज की मॉर्चरी के डीप फ्रीजर में सुरक्षित रखा गया है। वहीं, सात शवों को गोरखपुर स्थित एम्स भेजा गया है, जहां पोस्टमार्टम और अन्य जरूरी चिकित्सकीय प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।
सभी शवों की पहचान के लिए प्रशासन की ओर से आवश्यक कानूनी प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।
नेपाल प्रशासन से किया जा रहा समन्वय
जिला प्रशासन बरामद सभी अज्ञात शवों की जानकारी नेपाल सरकार और संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध करा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि शवों की पहचान कर उन्हें उनके परिजनों तक पहुंचाया जा सके। इसके लिए नेपाल प्रशासन के साथ लगातार संपर्क और समन्वय किया जा रहा है।

पहचान और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव सौंपे जाएंगे
मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि बरामद शवों की पहचान, पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें नेपाल प्रशासन को सौंपने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए नेपाल के संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि नदी में शव मिलने का सिलसिला जारी रहता है तो रेस्क्यू और निगरानी अभियान भी लगातार जारी रखा जाएगा। फिलहाल प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और नदी क्षेत्र में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां की गई हैं।






