नालंदा, 17 अक्टूबर। बिहार के नालंदा जिले के पावापुरी में उत्पाद विभाग की विशेष जांच इकाई (ईआईबी) के सिपाही अजीत कुमार की गोली लगने से हुई मौत के मामले में पुलिस ने महिला दारोगा समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में उत्पाद विभाग के कर्मी, होमगार्ड जवान और निजी चालक शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में शराब तस्करों की फायरिंग में सिपाही की मौत होने की बात कही गई थी, लेकिन जांच में सामने आए तथ्यों ने इस कहानी पर सवाल खड़े कर दिए।
सभी सात आरोपितों को कड़ी सुरक्षा के बीच बिहारशरीफ के मॉडल अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए लाया गया। जांच के बाद पुलिस ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू की।
महिला दारोगा पुष्पा कुमारी समेत सात गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों में औरंगाबाद जिले की 22 वर्षीय महिला सब-इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी, 27 वर्षीय उत्पाद सिपाही अनूप कुमार मांझी, होमगार्ड जवान रिशु कुमार (26), दीनानाथ कुमार (29) और सन्नी कुमार (26) शामिल हैं।
इसके अलावा पटना के खाजेकलां थाना क्षेत्र निवासी 27 वर्षीय निजी चालक गौरव कुमार उर्फ निशांत और रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र निवासी 32 वर्षीय शंकर कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने शुरुआत में पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। जांच और पूछताछ के दौरान दो अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने के बाद गिरफ्तार आरोपितों की संख्या सात हो गई। मेडिकल जांच के दौरान महिला दारोगा और अन्य आरोपितों ने मीडिया के सवालों का जवाब देने से परहेज किया।
होमगार्ड की फायरिंग में गई सिपाही की जान
नालंदा के एसपी हृदयकांत के अनुसार, घटना 14 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे पावापुरी थाना क्षेत्र में हुई थी। पटना से आई ईआईबी की टीम निजी काले रंग की स्कॉर्पियो से शराब लदी पिकअप वैन का पीछा कर रही थी। पिकअप को आगे से घेरने के लिए राजगीर में तैनात सब-इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी की टीम को भी बुलाया गया था।
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, रास्ते में वाहनों की स्थिति बदलने से शराब लदी पिकअप आगे निकल गई। ईआईबी की स्कॉर्पियो बीच में आ गई, जबकि पुष्पा कुमारी की टीम का वाहन पीछे रह गया।
जांच में आरोप है कि पुष्पा कुमारी के निर्देश पर उनकी टीम के एक होमगार्ड जवान ने दूसरे होमगार्ड की राइफल से पीछे से फायरिंग की। पूछताछ में संबंधित जवान ने तीन राउंड गोली चलाने की बात स्वीकार की। पुलिस के मुताबिक, इनमें से दो राउंड मिसफायर हुए, जबकि एक गोली चल गई।
पुलिस का कहना है कि गोली आगे चल रही ईआईबी की स्कॉर्पियो के पिछले शीशे को भेदते हुए सिपाही अजीत कुमार के सिर के पिछले हिस्से में जा लगी। गंभीर रूप से घायल अजीत कुमार को इलाज के लिए पटना के पीएमसीएच ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम और वाहन की जांच में भी गोली पीछे से लगने के संकेत मिले हैं।
घटना के बाद साक्ष्य छिपाने का आरोप
एसपी हृदयकांत के मुताबिक, घटना के बाद उत्पाद विभाग की टीम ने स्थानीय पावापुरी थाना या जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तत्काल सूचना नहीं दी। पुलिस का आरोप है कि क्षतिग्रस्त स्कॉर्पियो को रातों-रात पटना ले जाया गया और हथियार तथा फायरिंग से संबंधित जानकारी भी छिपाई गई।

अगले दिन घटना की जानकारी मिलने के बाद एसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और राजगीर के एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। टीम के सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ की गई तो उनके बयानों में विरोधाभास सामने आए।
इसके बाद पुलिस ने पटना से संबंधित काली स्कॉर्पियो, घटना में इस्तेमाल की गई राइफल और दो मिसफायर कारतूस जब्त किए। पुलिस के अनुसार, तीन खोखों की तलाश अभी जारी है।
शराब लदी पिकअप और पूरी कार्रवाई की जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि छापेमारी के दौरान मानक संचालन प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया गया और शराब लदी पिकअप वैन कहां गई। घटना के बाद किसकी क्या भूमिका रही और अधिकारियों को कथित तौर पर गुमराह करने में कौन-कौन शामिल था, इसकी भी जांच की जा रही है।
महिला दारोगा पुष्पा कुमारी और मृतक सिपाही अजीत कुमार के बीच पहले से परिचय होने के पहलू पर भी पुलिस तकनीकी जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस की जांच के निष्कर्षों और आरोपितों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।






