नई दिल्ली | 13 अप्रैल
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का लागू होना 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है। उन्होंने इसे महिलाओं के सशक्तीकरण के साथ-साथ देश के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया।
‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में संबोधन
नई दिल्ली स्थित Vigyan Bhavan में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है, जो अतीत के सपनों को साकार करेगा और भविष्य के संकल्पों को मजबूती देगा।
विशेष सत्र में आगे बढ़ेगा क्रियान्वयन
प्रधानमंत्री ने बताया कि संसद के आगामी विशेष सत्र में इस अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल से शुरू होने वाले सत्र के माध्यम से पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं की भागीदारी और आसान बनाई जाएगी।
दशकों के प्रयासों का परिणाम
Narendra Modi ने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक आरक्षण देने की मांग दशकों से उठती रही है और लगभग चार दशक के विमर्श के बाद यह संभव हो पाया है। वर्ष 2023 में इस अधिनियम को संसद में सर्वसम्मति से पारित किया गया था।
लोकतंत्र में बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश में राष्ट्रपति से लेकर वित्त मंत्री तक महिलाएं महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि देशभर में 14 लाख से अधिक महिलाएं स्थानीय निकायों में सक्रिय हैं और लगभग 21 राज्यों में पंचायतों में उनकी भागीदारी 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
योजनाओं से बढ़ा सशक्तिकरण
सरकार द्वारा महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana, Pradhan Mantri Mudra Yojana, ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ जैसी पहलों का उल्लेख किया, जिनसे महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है।
स्टार्टअप और उद्यमिता में महिलाओं की भूमिका
उन्होंने कहा कि देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में भी महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है और 42 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला निदेशक है। इसे उन्होंने “वूमेन-लेड डेवलपमेंट” की दिशा में बड़ा बदलाव बताया।
महिलाओं को समर्पित नया युग
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम से लेकर संविधान निर्माण तक भारत की नारी शक्ति का योगदान अतुलनीय रहा है। अब समय है कि इस शक्ति को और अधिक अवसर दिए जाएं, ताकि देश विकास के नए आयाम स्थापित कर सके।
कार्यक्रम में शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी कई प्रमुख महिलाओं ने भाग लिया। प्रधानमंत्री ने सभी महिलाओं को नए युग के आगमन की शुभकामनाएं देते हुए उनके सपनों को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास का भरोसा दिलाया।






