धनबाद: धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र स्थित सिंह मेंशन में रविवार देर रात बाइक सवार अपराधियों ने बमबाजी कर इलाके में दहशत फैला दी। जानकारी के अनुसार, रात करीब 11:30 से 12:00 बजे के बीच अपराधियों ने सिंह मेंशन पर दो बम फेंके। पहला बम गेट के अंदर जाकर फटा, जहां आमतौर पर बैठकें होती हैं, जबकि दूसरा बम परिसर के बाहर गिरा। रात का समय होने के कारण कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी तरह की जानमाल की क्षति नहीं हुई।
विस्फोट के समय घर के अंदर थे रागिनी और संजीव सिंह
धमाके की तेज आवाज से आसपास के लोग सहम गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय झरिया विधायक रागिनी सिंह और उनके पति, पूर्व विधायक संजीव सिंह आवास के भीतर मौजूद थे। सुरक्षा गार्ड और अंदर मौजूद लोग जब तक बाहर निकले, तब तक अपराधी फरार हो चुके थे। घटना की सूचना मिलते ही सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया।
घटना स्थल के वीडियो खंगाल रही पुलिस, सुतली बम की पुष्टि
पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है। सिंह मेंशन में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर जब्त कर लिया गया है और आसपास के कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बम सुतली बम था, जिससे बड़े नुकसान की आशंका नहीं थी। पुलिस का मानना है कि यह घटना दहशत फैलाने के उद्देश्य से की गई है। सिटी एसपी के अनुसार, सभी संभावित पहलुओं पर जांच जारी है और जल्द ही अपराधियों की पहचान की जाएगी।
सियासी रंजिश या साजिश? नामांकन से पहले वारदात
यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब पूर्व विधायक संजीव सिंह ने नगर निकाय चुनाव में मेयर पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। वे मंगलवार को नामांकन दाखिल करने वाले हैं। नामांकन से ठीक दो दिन पहले हुई इस बमबाजी को राजनीतिक साजिश या डराने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।
वायरल पर्चे से बढ़ी चिंता, रंगदारी की धमकी
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक पर्चा वायरल हुआ है, जिसमें अमन सिंह के नाम पर शंकर सिंह नामक व्यक्ति ने बमबाजी की जिम्मेदारी ली है। पर्चे में लिखा है कि जिस धरती पर अमन का खून गिरा है, उसे बंजर बना देंगे। इसके साथ ही धनबाद के कोयला और लोहा कारोबार से जुड़े व्यापारियों से रंगदारी की मांग की गई है।
वहीं सबको चुन-चुनकर मारने की धमकी दी गई है। पुलिस पर्चे की सत्यता और इसके पीछे सक्रिय गिरोह की भूमिका की भी जांच कर रही है। मेयर पद के लिए संजीव सिंह के संभावित नामांकन से पहले हुई इस घटना के पीछे का मकसद क्या है, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।





