पटना। समाजवादी आन्दोलन के प्रखर नेता डॉ राममनोहर लोहिया जी को उनकी जयंती के अवसर पर लोहिया उद्यान, लोहिया नगर, कंकड़बाग में आयोजित राजकीय समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण कार्यमंत्री अशोक चौधरी, कृषि मंत्री रामकृपाल यादव, विधायक श्याम रजक, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी सहित अनेक सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं तथा गणमान्य व्यक्तियों ने स्व राम मनोहर लोहिया की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया तथा अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के कलाकारों ने देशभक्ति गीत, बिहार गीत का गायन किया तथा आरती पूजन की।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कुछ तस्वीरें शेयर की। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “महान समाजवादी चिंतक राम मनोहर लोहिया की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।”

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “राम मनोहर लोहिया जी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई है। इनकी सोच थी कि बिहार और देश में जातिविहीन समाज, सबका उत्थान और कल्याण हो। सरकार समाज और राष्ट्रहित में महापुरुषों के विचारों और सोच को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।”
उन्होंने कहा कि महापुरुषों से प्रेरणा लेकर समाज के हर व्यक्ति, जो समाजवाद और लोहियावाद की बात करते हैं, उनको सादगी, ईमानदारी और चरित्र की राजनीति में विश्वास करना चाहिए।
इसी बीच, विजय सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे लंबे समय तक सरकार प्रमुख रहने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “निश्चित तौर पर प्रधानमंत्री मोदी का जीवन, जो जनता के प्रति समर्पित है, मां भारती की संतानों के लिए सिद्धि तक पहुंच रहा है। उनके कामों से देश गौरान्वित है और हमेशा याद रखेगा कि पूरे विश्व के अंदर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के सम्मान को बढ़ाया है।”

उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा, “उन्होंने (पीएम मोदी ने) मां भारती की धरती पर जन्म लेने वाले हर व्यक्ति की चिंता की। उसके विकास, उत्थान और सम्मान का काम किया है। पीएम मोदी के यह काम आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रहित में राष्ट्रवाद को आगे बढ़ाना चाहिए। देश की विभाजनकारी शक्तियों और गुलामी के प्रतीकों से मुक्त होने की जरूरत है। आज की पीढ़ी की यह जिम्मेदारी है कि आने वाली पीढ़ी को एक सुंदर, स्वच्छ और समृद्ध भारत बनाकर दें।





