रांची। टेंडर कमीशन घोटाला मामले में आरोपित तत्कालीन एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (सेवानिवृत्त) राजकुमार टोप्पो ने गुरुवार को पीएमएलए की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण के बाद अदालत ने उन्हें एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी।
जमानत के साथ सख्त शर्तें
अदालत ने जमानत देते हुए राजकुमार टोप्पो को हर सुनवाई में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही पासपोर्ट जमा करने और बिना अनुमति देश छोड़ने पर रोक की शर्त भी लगाई गई है।
ईडी की कार्रवाई के बाद तेज हुई कानूनी प्रक्रिया
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पहले ही 14 आरोपितों के खिलाफ पूरक प्रॉसीक्यूशन कंप्लेंट दाखिल की थी। अदालत ने संज्ञान लेते हुए सभी आरोपितों को समन जारी किया था। अब तक इस मामले में छह से अधिक आरोपित आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
2023 से जारी है जांच
उल्लेखनीय है कि टेंडर कमीशन घोटाले की जांच 2023 से जारी है। उस दौरान ईडी ने कई इंजीनियरों और ठेकेदारों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद 6 मई 2024 को दूसरी बड़ी कार्रवाई में कई स्थानों पर रेड की गई।
छापेमारी में करोड़ों की बरामदगी
ईडी की कार्रवाई के दौरान पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के आईएसडी रहे संजीव लाल के नौकर के ठिकाने से करीब 32 करोड़ रुपये से अधिक नकद बरामद किए गए थे। इसके अलावा ठेकेदार मुन्ना सिंह के यहां से 2.93 करोड़ और कांट्रेक्टर राजीव सिंह के ठिकाने से 2.14 करोड़ रुपये जब्त किए गए थे।
इस बड़े खुलासे के बाद पूर्व मंत्री आलमगीर आलम भी जांच एजेंसी के रडार पर आ गए थे। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और जांच एजेंसियां अन्य आरोपितों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।






