—चेन्नई, केरल, हैदराबाद और बेंगलुरु से चिकित्सकों को लाने के लिए गठित हुईं दो विशेष टीमें, सरकारी अस्पतालों में जांच सुविधाएं मजबूत करने पर जोर
रांची, 9 अक्टूबर। झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए राज्य सरकार ने चिकित्सकों की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज करने की तैयारी की है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने शुक्रवार को बताया कि राज्य में 306 सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और 200 मेडिकल ऑफिसरों सहित कुल 506 चिकित्सकों की बहाली की प्रक्रिया तेज की जा रही है। इसके अलावा, दक्षिण भारत से 1,200 डॉक्टरों को झारखंड लाने की तैयारी है।
मंत्री ने यह जानकारी नेपाल हाउस स्थित स्वास्थ्य विभाग में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दी। बैठक में राज्य में डॉक्टरों की उपलब्धता, अस्पतालों के संचालन और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
चार शहरों से डॉक्टरों को लाने की तैयारी
इरफान अंसारी ने बताया कि दक्षिण भारत से चिकित्सकों को झारखंड लाने के लिए दो विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें चेन्नई, केरल, हैदराबाद और बेंगलुरु से डॉक्टरों को लाने की दिशा में काम करेंगी।
सरकार का उद्देश्य राज्य में चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाना और अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
सरकारी अस्पतालों में जांच सुविधाएं होंगी मजबूत
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आधुनिक जांच सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। इसके तहत सीटी स्कैन, एमआरआई, डिजिटल एक्स-रे और पैथोलॉजी जांच जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।
उन्होंने पुराने अस्पतालों को फिर से चालू करने और मेडिकल कॉलेजों में रिक्त फैकल्टी पदों को भरने की आवश्यकता पर भी बल दिया। इससे अस्पतालों के संचालन और चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
डॉक्टरों को सुरक्षा और बेहतर कार्य वातावरण देने पर जोर
इरफान अंसारी ने कहा कि डॉक्टरों को सम्मान, सुरक्षा और बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया।
108 एंबुलेंस कर्मचारियों से हड़ताल नहीं करने की अपील
बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने 108 एंबुलेंस कर्मचारियों से हड़ताल से बचने और बातचीत के जरिए अपनी समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारु संचालन के लिए आपसी संवाद और समन्वय जरूरी है।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह सहित विभाग के कई अन्य अधिकारी और पदाधिकारी मौजूद थे।






