झारखंड की सियासत गरमाई: भाजपा नेता भानु प्रताप का मंत्री राधाकृष्ण किशोर को खुला पत्र, बोले- अपमान हो रहा है तो दें इस्तीफा

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रांची, 20 जुलाई। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने झारखंड सरकार के मंत्री राधाकृष्ण किशोर को खुला पत्र लिखकर उनकी कथित नाराजगी और अधिकारियों द्वारा उनकी बातों की अनदेखी किए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मंत्री को सलाह दी है कि अगर उन्हें लगातार अपमानित महसूस हो रहा है तो पद छोड़ देना बेहतर होगा।

भानु प्रताप शाही ने 19 जुलाई 2026 को लिखे पत्र में कहा कि अखबारों में लगातार मंत्री राधाकृष्ण किशोर की पीड़ा सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार में वरिष्ठ और प्रभावशाली मंत्री होने के बावजूद यदि उनकी बात अधिकारियों द्वारा नहीं सुनी जा रही है तो यह गंभीर विषय है।

“मंत्री की बेबसी चिंता का विषय”

भाजपा नेता ने पत्र में लिखा कि वह यह पत्र किसी राजनीतिक प्रतिशोध या तंज के उद्देश्य से नहीं, बल्कि पलामू की धरती का बेटा होने के नाते लिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि लंबे राजनीतिक अनुभव के बाद भी अगर एक कैबिनेट मंत्री को नौकरशाही के सामने अपनी बात रखने में परेशानी हो रही है तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार के शीर्ष नेतृत्व की सहमति के बिना सचिवालय के अधिकारी किसी कैबिनेट मंत्री के निर्देश या पत्र की अनदेखी करने का साहस कर सकते हैं।

सरकार पर साधा निशाना

भानु प्रताप शाही ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और गठबंधन सरकार को अनुभवी और स्वाभिमानी नेताओं की जरूरत नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में केवल सरकार की हां में हां मिलाने वाले लोगों को महत्व दिया जा रहा है।

उन्होंने दावा किया कि मंत्री राधाकृष्ण किशोर को लगातार अपमानित करने की एक सोची-समझी रणनीति अपनाई जा रही है, ताकि वह खुद पद छोड़ दें या फिर उन्हें सरकार से बाहर कर दिया जाए।

“इस्तीफा देकर स्वाभिमान बचाएं”

भाजपा नेता ने मंत्री राधाकृष्ण किशोर को सलाह देते हुए कहा कि अगर उन्हें लगातार अपमान का सामना करना पड़ रहा है तो मंत्री पद पर बने रहने के बजाय इस्तीफा देना उचित होगा।

उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाते हुए इस्तीफा देने से कम से कम पलामू और उनके राजनीतिक स्वाभिमान की रक्षा होगी। पत्र के अंत में भानु प्रताप शाही ने उम्मीद जताई कि मंत्री उनकी बातों को अन्यथा नहीं लेंगे और अपने सम्मान को ध्यान में रखते हुए जल्द कोई साहसिक निर्णय लेंगे।

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