पटना, 08 अक्टूबर। चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर महागठबंधन के सातों दलों की ओर से गुरुवार को पटना में निकाला गया राजभवन मार्च हंगामे और पुलिस बैरिकेडिंग के बीच आगे बढ़ा। आर ब्लॉक स्थित सप्तमूर्ति के पास जुटे महागठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मार्च के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं ने पुलिस की बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की। पुलिस ने तीसरी बैरिकेडिंग पर उन्हें रोक दिया। इसके बाद तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी, मीसा भारती समेत छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को एसडीपीओ की स्कॉर्पियो गाड़ी से लोकभवन ले जाया गया, जहां प्रतिनिधिमंडल के राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने की बात कही गई।
सुबह 10 बजे से जुटने लगे थे महागठबंधन कार्यकर्ता
राजभवन मार्च के लिए सुबह करीब 10 बजे से आर ब्लॉक स्थित सप्तमूर्ति के पास महागठबंधन के नेता और कार्यकर्ता जुटने लगे थे। कार्यकर्ताओं के हाथों में पार्टी के झंडे, बैनर और पोस्टर थे।
प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने के कारण आर ब्लॉक-सप्तमूर्ति इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी।
बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़े तेजस्वी यादव
मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कई स्तर की बैरिकेडिंग की थी। तेजस्वी यादव और उनके साथ मौजूद नेताओं-कार्यकर्ताओं ने दो बैरिकेडिंग पार कर ली।
हालांकि, तीसरी बैरिकेडिंग पर पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इसके बाद मौके पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक स्थिति बनी रही।
SDPO की स्कॉर्पियो में लोकभवन रवाना हुए तेजस्वी और मुकेश
बैरिकेडिंग पर रोके जाने के बाद तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी, मीसा भारती और प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्य पुलिस की गाड़ी में बैठकर लोकभवन के लिए रवाना हुए।
खास बात यह रही कि छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को एसडीपीओ की स्कॉर्पियो गाड़ी से लोकभवन ले जाया गया। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नेताओं को गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया गया है।

पुलिस ने कहा- डिटेन नहीं किया गया
मौके पर मौजूद डीएसपी हनु कुमारी ने स्पष्ट किया कि तेजस्वी यादव समेत प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को डिटेन नहीं किया गया है।
उन्होंने बताया कि छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को लोकभवन ले जाया जा रहा है, ताकि वे राज्यपाल से मुलाकात कर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंप सकें।
इस तरह प्रदर्शन के मुख्य स्थल पर पुलिस की कार्रवाई के बाद आंदोलन का एक हिस्सा प्रतिनिधिमंडल के रूप में लोकभवन की ओर बढ़ा।
प्रियंका भारती को भी पुलिस ने डिटेन किया
प्रदर्शन के दौरान आरजेडी की महिला प्रवक्ता प्रियंका भारती को भी पुलिस अपने साथ ले गई। उन्हें प्रदर्शन स्थल से पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने की बात सामने आई।
हालांकि, उनके जाने के बाद भी आर ब्लॉक-सप्तमूर्ति के पास बड़ी संख्या में महागठबंधन के कार्यकर्ता मौजूद रहे और नारेबाजी जारी रखी।

आर ब्लॉक पर अब भी जारी रहा प्रदर्शन
महागठबंधन के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के लोकभवन रवाना होने के बावजूद आर ब्लॉक-सप्तमूर्ति के आसपास प्रदर्शन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हाथों में झंडे और पोस्टर लेकर डटे रहे।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की रही। महागठबंधन के नेता चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं।
राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेगा प्रतिनिधिमंडल
छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के लोकभवन पहुंचने के बाद राज्यपाल के सामने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग रखे जाने की संभावना है।
प्रतिनिधिमंडल की ओर से चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से संबंधित महागठबंधन की आपत्तियों को भी सामने रखा जाएगा।
तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर लगाए आरोप
प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग को लेकर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में लोकतंत्र का मजाक बनाया जा रहा है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है, उसका विरोध किया जाएगा।
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जननी है और यहीं से एसआईआर की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि उनका गठबंधन लोकतंत्र को खत्म नहीं होने देगा और संविधान में विश्वास रखने वाले लोग हैं।
उन्होंने चुनाव आयोग में कथित फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए कहा कि यह ज्यादा समय तक नहीं चलने वाला है। तेजस्वी ने दावा किया कि “इनके जाने की शुरुआत हो चुकी है।”

सुरक्षा के बीच जारी रहा विरोध
राजभवन मार्च को देखते हुए आर ब्लॉक और आसपास के इलाकों में पुलिस की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। प्रदर्शनकारियों को निर्धारित क्षेत्र से आगे जाने से रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई थी।
एक ओर छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल लोकभवन के लिए रवाना हो गया, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता आर ब्लॉक में मौजूद रहकर नारेबाजी करते रहे। इससे इलाके में राजनीतिक गतिविधि और सुरक्षा व्यवस्था दोनों बनी रही।
फिलहाल महागठबंधन के प्रतिनिधिमंडल के राज्यपाल से मुलाकात और ज्ञापन सौंपने पर सभी की नजरें टिकी हैं, जबकि आर ब्लॉक में मौजूद कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन भी जारी रहा।






