रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपना आंदोलन तेज करने की घोषणा की है। पार्टी ने शनिवार को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करने और शुक्रवार शाम भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) की ओर से सभी मंडलों में मशाल जुलूस निकालने का एलान किया है।
मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग
भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने शुक्रवार को प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच सीआईडी से कराकर मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छात्रों और युवाओं के साथ न्याय करने में विफल रही है।
कई भर्ती परीक्षाओं पर उठाए सवाल
बाउरी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस समर्थित राज्य सरकार के कार्यकाल में जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल, उत्पाद सिपाही और जूनियर इंजीनियर सहित कई भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताएं सामने आई हैं। उनका कहना था कि इन घटनाओं से लाखों अभ्यर्थियों का भर्ती प्रक्रिया पर भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने कांग्रेस से सरकार से समर्थन वापस लेने और मुख्यमंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की।
पेपर लीक कानून का किया उल्लेख
भाजपा नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जानकारी दी है कि पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से लाया गया विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है। उनके अनुसार, इससे स्पष्ट है कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
परीक्षा एजेंसियों की भूमिका पर सवाल
अमर कुमार बाउरी ने आरोप लगाया कि कथित अनियमितताओं के बावजूद उन्हीं एजेंसियों को परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि जेपीएससी और जेएसएससी जैसी संस्थाओं में प्रभावशाली लोगों के परिजनों को लाभ पहुंचाया गया, जिससे योग्य अभ्यर्थियों के हित प्रभावित हुए। उनके अनुसार, उत्पाद सिपाही भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विवादों ने भी युवाओं का भरोसा कमजोर किया है।
सीआईडी जांच पर उठाए सवाल
बाउरी ने कहा कि 22 जुलाई को भाजयुमो द्वारा जेपीएससी घेराव के बाद सरकार ने सीआईडी जांच के आदेश दिए, कई गिरफ्तारियां हुईं और जेपीएससी अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया। इसके बावजूद उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के बजाय मामले को दूसरी दिशा देने का प्रयास कर रही है।
सीबीआई जांच की दोहराई मांग
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) मामले में विपक्ष ने केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग की थी, उसी प्रकार झारखंड में भी मुख्यमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने सभी विवादित भर्ती परीक्षाओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग दोहराई।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
भाजपा नेता ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच नहीं कराई, तो छात्र और युवा सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा युवाओं की न्याय की लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
प्रेसवार्ता में भाजपा के मीडिया सह-प्रभारी अजय राय, प्रदेश प्रवक्ता दीनदयाल बर्णवाल, रमाकांत महतो और रविनाथ किशोर भी उपस्थित थे।






