अभिषेक बनर्जी का करीबी बताया जा रहा आरोपित, दिसंबर 2020 में डायमंड हार्बर जाते समय हुआ था हमला
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले के मामले में करीब छह साल बाद पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस के नेता इमरान हसन को गिरफ्तार किया है। उस्ती थाने की पुलिस ने बुधवार देर रात देउला से सटे इलाके से उसे पकड़ा। इमरान को तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अभिषेक बनर्जी का करीबी बताया जा रहा है।
मगराहाट पश्चिम में युवा तृणमूल कांग्रेस का अध्यक्ष था इमरान
गिरफ्तार इमरान हसन मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में युवा तृणमूल कांग्रेस का अध्यक्ष रह चुका है। पुलिस के अनुसार, उस पर नड्डा के काफिले पर हमले के अलावा चुनाव से पहले राजनीतिक विरोधियों को धमकाने, कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट और उनके घरों में तोड़फोड़ करने जैसे आरोप भी हैं।
इस मामले में पुलिस ने हाल ही में एक अन्य आरोपित जहांगीर खान को भी गिरफ्तार किया था। इमरान की गिरफ्तारी के बाद जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि हमले में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
10 दिसंबर 2020 को नड्डा के काफिले पर हुआ था हमला
यह घटना 10 दिसंबर 2020 की है। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी के बीच जेपी नड्डा एक जनसभा को संबोधित करने डायमंड हार्बर जा रहे थे। उनके काफिले में भाजपा नेता दिलीप घोष समेत कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय नेता मौजूद थे।
आरोप है कि डायमंड हार्बर जाने के रास्ते में सरिशा और बाद में फलता इलाके में काफिले पर ईंट-पत्थरों और लाठियों से हमला किया गया था। इस दौरान कई नेताओं की गाड़ियों के शीशे टूट गए थे। भाजपा के केंद्रीय नेता कैलाश विजयवर्गीय भी ईंट लगने से घायल हुए थे। घटना के बाद राज्य की राजनीति में काफी विवाद हुआ था।
सत्ता परिवर्तन के बाद दोबारा शुरू हुई जांच
खबर के अनुसार, राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद मामले की नए सिरे से जांच के निर्देश दिए गए। जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले मगराहाट-1 पंचायत समिति के लोक निर्माण कर्माध्यक्ष तौसीफ अहमद मोल्ला उर्फ बच्चू, आरिफ हुसैन और अनीसुर रहमान को गिरफ्तार किया था।
इनसे पूछताछ के आधार पर संजीव मंडल और रिपन के नाम सामने आए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में लिया। अब इमरान हसन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले की अन्य कड़ियों की जांच कर रही है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।






