पटना:मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को जेपी गंगा पथ (मरीन ड्राइव) के समग्र विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को परियोजनाओं में तेजी लाने और तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जेपी गंगा पथ को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जाए ताकि यह राजधानी की नई पहचान बन सके।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जेपी गंगा पथ पर प्रत्येक 1.5 से 2 किलोमीटर की दूरी पर पर्याप्त पार्किंग विकसित की जाए। साथ ही आवश्यकता के अनुसार गंगा किनारे फुटओवर ब्रिज बनाने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने आम जनता से सुझाव लेकर परियोजना को और अधिक आकर्षक, सुविधाजनक एवं जनोपयोगी बनाने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बक्सर से भागलपुर तक गंगा तट के समेकित एवं चरणबद्ध विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाए। वहीं पटना में कुर्जी से काली घाट तक 6.5 किलोमीटर लंबा गंगा चैनल विकसित किया जाएगा, जिससे गंगा तट का सुनियोजित विकास और श्रद्धालुओं, विशेषकर छठ व्रतियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
बैठक में जेपी गंगा पथ के किनारे वाटर मेट्रो जेट्टी, पार्किंग, कैफेटेरिया, बॉटनिकल गार्डन, स्पोर्ट्स ग्राउंड, बटरफ्लाई पार्क, महिला हाट, कला ग्राम, एसटीपी, वेस्ट टू वंडर पार्क और अन्य विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोलघर पटना की ऐतिहासिक पहचान है, इसलिए इसके परिसर को और आकर्षक बनाया जाए। गोलघर में कैफेटेरिया विकसित करने तथा पटना हाईकोर्ट के पास स्थित वाटर टावर के जीर्णोद्धार के भी निर्देश दिए। साथ ही कोईलवर एक्सप्रेस-वे और गंगा के बढ़ते जलस्तर को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक एवं सुरक्षित विकास योजना तैयार करने को कहा।






