लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार काे उत्तर प्रदेश के बजट को प्रदेश की जनाकांक्षाओंं के अनुरूप, जनकल्याणकारी, रोजगार सृजन, निवेश में विस्तार और महिलाओं के सम्मान देने वाला बजट बताया। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश की छवि बीमारु प्रदेश से बदल कर विकसित उत्तर प्रदेश हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप उत्तर प्रदेश आगे बढ़ रहा है
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज विधानसभा के तिलक हाल में बजट को लेकर मीडिया से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में परसेप्शन बदला है और यह बजट तीन गुना बढ़ा है। यह बजट सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसाल, हर हाथ को काम तकनीक आगे कर नवनिर्माण की गाथा को लिखता है। इसमें नई योजनाओं के लिए लगभग 43 हजार करोड़ रुपये और दो लाख करोड़ से अधिक इंफ्रास्ट्रक्चर समेत रोजगार, कौशल विकास के लिए प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज प्रस्तुत किया गया बजट हमारी सरकार का 10वां बजट है और यूपी जैसे राज्य में पहली बार हुआ जब किसी सरकार ने लगातार 10वां बजट पेश किया है। सबसे खास बात यह कि इस दौरान नौ सालों में हमने कोई टैक्स वृद्धि नहीं की।
उत्तर प्रदेश के बजट को जनाकांक्षाओं के अनुरूप बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की आर्थिक, सामाजिक, कानून व्यवस्था की स्थिति इतनी खराब थी कि इसे बीमारु प्रदेश के नाम से जाना था लेकिन हमने प्रदेश की छवि बदली है। प्रत्येक सेक्टर में नई उचाइयों को छुआ है और कुशल वित्तीय प्रबंधन के कारण आज देश की टॉप तीन अर्थव्यवस्थाओं में से उत्तर प्रदेश एक है। वर्ष 2017 पहले बेरोजगारी की दर 17 से 19 फीसदी थी लेकिन हमारी सरकार इस दो फीसदी से नीचे ले आयी है। यह बजट युवाओं के लिए समर्पित है,जिसमें रोजगार का सृजन, एमएसएमई को बढावा दिया जा रहा है। प्रदेश अब रोजगार सृजन केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।
डाटा डेंटर की कर रहे स्थापना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अलग—अलग विभागों के अलग-अलग डाटा प्रस्तुत किए जाते थे लेकिन हमारी सरकार ने स्टेट डाॅटा अथारिटी बनाकर एक रियल डाटा तैयार करने की दिशा में काम किया है। इस रियल टाइम डाटा से भविष्य की योजनाएं बनाने में उपयोगी है बजट में एआई मिशन की स्थापना के साथ-साथ महिलाओं के आत्मनिर्भर बनाने के लिए शी मार्ट के जरिए प्रोत्साहन दिया जाएगा।
सिटी इकोनामिक जोन बनाएंगे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि बजट में प्रदेश के चतुर्दिक विकास के लिए सिटी इकोनामिक जोन बनाने की घाेषणा की गई है। काशी, मिर्जापुर, कानपुर, झांसी, चित्रकूट समेत सभी प्रमुख शहरों में बनाए जाएंगे। निवेश बढाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम लागू कर दिया गया है इस बजट में भी डिजिटल इंटरप्रन्योरशिप योजना का उल्लेख किया गया है; प्रदेश में कानून व्यवस्था विकास की गारंटी की निशानी बन चुकी है।
देश के विकास की धुरी हैं अन्नदाता
प्रदेश के बजट की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों, अन्नदाताओं का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अन्नदाता देश-प्रदेश के विकास की धुरी हैं। अन्नदाता को केवल लाभार्थी के रूप में नहीं देखना चाहिए बल्कि उन्हें विकास में भागीदारी चाहिए और प्रदेश सरकार उन्हें भागीदार बना रही है। गन्ना का मूल्य बढ़ाया गया और समय से भुगतान हाे रहा है। खेती को आय आधारित और बहुफसली बनाने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। सिंचाई के लिए काफी काम हुआ है। सिंचाई का दायरा बढा है और पीएम कुसुम योजना के तहत किसानों को सब्सिडी दी जाएगी। इतना ही नहीं किसानों के प्रोडक्ट निर्यात करने के लिए नोएडा में एग्री एक्सपोर्ट हब बनाएंगे। अन्न व बीज भंडारण की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। इसी प्रकार मछुआरों के हित में कई योजनाएं संचालित हैं।
शिक्षा-स्वास्थ्य की दिशा में तेजी से हो रहा काम
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि बजट में परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की अच्छी शिक्षा देने, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने कस्तूरबा बालिका विद्यालयों की और स्थापना, युवाओं के कौशल विकास के लिए तकनीकी प्रशिक्षण, महिला छात्रावासों की स्थापना की जा रही है। पीएचसी, सीएचएसी और जिला अस्पतालों में नि:शुल्क दवाओं के साथ साथ आयुष्मान कार्ड की सुविधा है। जरूरतमंद को, मुख्यमंत्री राहत कोष से बीमारी में मदद दी जाती है। मुख्यमंत्री योगी ने जनकल्याणकारी बजट के लिए प्रदेश की जनता को शुभकामनाएं दीं। साथ अपने मंत्रिमंडल सदस्यों और अफसरों को प्रदेश के विकास में किए जा रहे सामूहिक प्रयासों के लिए मंगलकामनाएं देते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।





