रांची, 04 सितंबर । छात्रों पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमों को वापस लेने और पिछले सात वर्षों में हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने समेत अन्य मांगों को लेकर राज्य सरकार को दिया भाजपा का 48 घंटे का अल्टीमेटम शुक्रवार को समाप्त हो गया। इसके बाद भाजपा ने राज्य के सभी 24 प्रशासनिक जिलों में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। पार्टी की ओर से विभिन्न जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन के साथ एसपी और डीसी कार्यालयों के घेराव का कार्यक्रम तय किया गया है।
8 से 11 सितंबर तक छह-छह जिलों में होगा प्रदर्शन
प्रदेश कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने आंदोलन के कार्यक्रम की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भाजपा के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की ओर से मुख्य सचिव के माध्यम से राज्य सरकार को दिया गया 48 घंटे का समय अब समाप्त हो चुका है।
उन्होंने बताया कि 8 से 11 सितंबर तक लगातार चार दिनों में सभी 24 जिलों में प्रदर्शन और डीसी-एसपी कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। प्रतिदिन छह जिलों में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
8 सितंबर को इन जिलों में होगा घेराव
आदित्य साहू के अनुसार, आंदोलन की शुरुआत 8 सितंबर से होगी। इस दिन रांची, दुमका, हजारीबाग, गिरिडीह, जमशेदपुर और गढ़वा में प्रदर्शन एवं घेराव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
9 सितंबर को छह जिलों में कार्यक्रम
9 सितंबर कोडरमा, साहिबगंज, बोकारो, पलामू, सिमडेगा और चाईबासा में भाजपा कार्यकर्ता जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेंगे और डीसी एवं एसपी कार्यालयों का घेराव करेंगे।
10 सितंबर को सरायकेला समेत छह जिलों में प्रदर्शन
10 सितंबर को सरायकेला, पाकुड़, धनबाद, गुमला, लातेहार और चतरा जिले में आंदोलन का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
11 सितंबर को अंतिम चरण में छह जिले
आंदोलन के अंतिम चरण में 11 सितंबर को रामगढ़, देवघर, लोहरदगा, खूंटी, गोड्डा और जामताड़ा में प्रदर्शन एवं कार्यालय घेराव किया जाएगा।
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि एकीकृत बिहार या झारखंड गठन के बाद राज्य में छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है। शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
साहू ने आरोप लगाया कि राज्य के विभिन्न जिलों में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों को झामुमो कार्यकर्ताओं ने लाठी-डंडों से पीटा, लेकिन कार्रवाई छात्रों के खिलाफ ही की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों के साथ कथित मारपीट करने वाले झामुमो कार्यकर्ताओं के खिलाफ अब तक मुकदमा क्यों नहीं दर्ज किया गया।
कांग्रेस-झामुमो-राजद नेताओं के मुख्य सचिव से मिलने पर सवाल
साहू ने कहा कि भाजपा के 48 घंटे के अल्टीमेटम की अवधि पूरी होने से पहले ही कांग्रेस, झामुमो और राजद के नेता मुख्य सचिव से मिलने पहुंच गए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इन नेताओं को सरकार के समक्ष अपनी बात रखनी थी तो उन्हें मुख्यमंत्री से मिलना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि इससे ऐसा लगता है कि इन नेताओं का मुख्यमंत्री पर भरोसा खत्म हो चुका है। मुख्य सचिव से मुलाकात के बाद नेताओं की ओर से दिए गए बयानों को उन्होंने शर्मनाक बताया। साहू ने कहा कि झामुमो और कांग्रेस नेताओं को यह स्पष्ट करना चाहिए कि झारखंड में नौकरी बेचे जाने के आरोपों में सच्चाई है या नहीं।
‘मुकदमों से छात्रों की आवाज नहीं दबा सकती सरकार’
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार छात्रों को धमकाकर और मुकदमे दर्ज कर सवालों से नहीं भाग सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है।
साहू ने कहा कि सरकार और पुलिस कोयला, बालू और पत्थर माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने तथा खनिज संपदा की कथित लूट पर रोक लगाने के बजाय छात्रों को निशाना बना रही है।
सरकार को आंदोलन बढ़ने की चेतावनी
साहू ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि मुकदमों के जरिए छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ये छात्र झारखंड का भविष्य हैं। यदि छात्रों के साथ उनके परिजन और गांव-समाज के लोग भी सड़क पर उतर गए तो स्थिति संभालना सरकार के लिए मुश्किल होगा।
उन्होंने सरकार से छात्रों पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमे तत्काल वापस लेने और पूरे मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा करने की मांग की। साहू ने कहा कि अभी भी समय है और राज्य सरकार को छात्रों के साथ न्याय करना चाहिए।
प्रेसवार्ता में पार्टी के कई नेता रहे मौजूद
प्रेसवार्ता में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रामाकांत महतो, दीनदयाल बरनवाल, रवि नाथ किशोर और मीडिया सह प्रभारी अजय राय भी मौजूद रहे।






