कोलकाता। कोयला तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आज सुबह पश्चिम बंगाल और दिल्ली में एक साथ बड़ी कार्रवाई की। कोलकाता, दुर्गापुर, आसनसोल, बर्धमान और दिल्ली सहित कुल नौ ठिकानों पर ईडी की टीमों ने तलाशी अभियान शुरू किया है।
यह कार्रवाई उस जांच का हिस्सा है, जिसके तार पड़ोसी राज्य झारखंड से भी जुड़े हुए हैं। इससे पहले इसी मामले के सिलसिले में झारखंड में भी बड़े लेवल पर छापेमारी की गई थी, जहां कोयला माफियाओं के सिंडिकेट और वित्तीय लेन-देन के अहम सुराग मिले थे। ED की यह जांच मुख्य रूप से अवैध रूप से खनन किए गए कोयले की चोरी, परिवहन और उसके जरिए कमाए गए काले धन को सफेद करने के नेटवर्क पर केंद्रित है।
बता दें कि यह मामला आई-पैक (I-PAC) और प्रतीक जैन से जुड़े हालिया कोयला तस्करी मामले से पूरी तरह अलग है।
झारखंड और बंगाल के बीच फैला सिंडिकेट
ED की जांच में यह बात सामने आई है कि कोयला खनन का यह अवैध कारोबार केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है। झारखंड में हुई पिछली छापेमारी के दौरान एजेंसी को ऐसे दस्तावेज़ मिले थे, जो पश्चिम बंगाल के कई व्यापारियों और बिचौलियों की संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं।
प्रतीक जैन वाले केस से अलग है यह मामला
बंगाल में चल रही यह छापेमारी उस कोयला तस्करी मामले से अलग है, जिसमें हाल ही में राजनीतिक सलाहकार फर्म आई-पैक के सह-संस्थापक प्रतीक जैन के ठिकानों की तलाशी ली गई थी। सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी कोयला तस्करी से अर्जित काले धन को हवाला के जरिए कहां और कैसे भेजा गया, इसी नेटवर्क की जांच के तहत की जा रही है।

दुर्गापुर में ईडी ने कई जगहों पर एक साथ छापा मारा। सुबह करीब छह बजे दुर्गापुर के सेपको टाउनशिप में बालू कारोबारी प्रवीर दत्त के आवास पर ईडी की टीम पहुंची। इसके अलावा सिटी सेंटर इलाके के अंबेडकर सरणी स्थित एक मकान और पांडवेश्वर व कांकसा थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग-19 के बाइपास के पास एक अन्य आवास पर भी तलाशी ली गई। यह सभी बालू कारोबार से जुड़े बताए जा रहे हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार, ये कारोबारी अजय और दामोदर नदियों से बालू निकालकर राज्य के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई करते थे। आरोप है कि वैध टेंडर के जरिए अधिकृत बालू घाटों से खनन के साथ-साथ कई स्थानों पर अवैध रूप से भी बालू निकाला जाता था। इसके अलावा, बालू के चालान में हेराफेरी और एक ही चालान का कई बार इस्तेमाल कर तस्करी करने के भी आरोप हैं।
यह भी आरोप है कि बीरभूम जिले के बालू के चालान का इस्तेमाल कर पश्चिम बर्धमान जिले में बालू की अवैध आपूर्ति की जाती थी। ईडी को संदेह है कि इसी अवैध कारोबार के जरिए आरोपितों ने बड़ी मात्रा में संपत्ति अर्जित की है। फिलहाल, सभी ठिकानों पर तलाशी के अलावा दस्तावेजों की जांच चल रही है।





