नई दिल्ली, 06 मई। कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने और जनादेश की चोरी करने का आरोप लगाया है।
चुनावी संस्थाओं पर नियंत्रण का आरोप
पवन खेड़ा ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि असम और पश्चिम बंगाल में भाजपा ने चुनावी संस्थाओं को अपने नियंत्रण में लेकर मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया।
उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में विशेष पुनरीक्षण के दौरान 91 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए और 27 लाख नागरिकों को सुनवाई का अवसर तक नहीं दिया गया। कई सीटों पर हटाए गए मतदाताओं की संख्या जीत के अंतर से अधिक बताई गई।
“सुनियोजित चुनावी खेल” का आरोप
खेड़ा ने कहा कि यह कोई अलग घटना नहीं है, बल्कि भाजपा का सुनियोजित चुनावी तरीका है, जिसे मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, बिहार और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी अपनाया गया।
उदाहरण देकर लगाए आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र में 6,018 फर्जी आवेदन देकर मतदाता सूची से नाम हटाए गए, जिनमें से केवल 24 सही पाए गए। वहीं हरियाणा में एक ही महिला की तस्वीर 223 बार अलग-अलग बूथों पर इस्तेमाल की गई।
महाराष्ट्र में भी अनियमितता का दावा
पवन खेड़ा ने कहा कि महाराष्ट्र में पांच महीनों के भीतर 40 लाख नए मतदाता जोड़े गए, जबकि 2019 से 2024 के बीच पांच वर्षों में केवल 32 लाख मतदाता जुड़े थे।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मतदान प्रतिशत में भी असामान्य वृद्धि दर्ज की गई, जो संदेह पैदा करती है।
विपक्ष को खत्म करने की साजिश का आरोप
खेड़ा ने कहा कि भाजपा विपक्ष को खत्म करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों, फर्जी मामलों और मतदाता सूची में हेरफेर जैसे हथकंडों का इस्तेमाल कर रही है।





