पटना: पटना में हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक पूरी तरह चुनावी तेवर में नजर आई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, NDA और नीतीश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पांच बड़े मुद्दों को उठाकर संकेत दिया कि कांग्रेस इन्हीं पर आगामी चुनाव में जोर देने वाली है।
बैठक से निकले 5 बड़े संदेश:
- नीतीश कुमार BJP के लिए बोझ
खरगे ने कहा कि भाजपा अब नीतीश कुमार को बोझ मानने लगी है और उन्हें ‘मेंटली रिटायर्ड’ समझ चुकी है। NDA में अंदरूनी कलह को उन्होंने खुलकर सामने रखा। - बेरोजगारी और किसानों का संकट
मोदी सरकार पर युवाओं को रोजगार देने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए खरगे ने कहा कि 2 करोड़ नौकरियों का वादा अधूरा है, जबकि बिहार की बेरोजगारी दर 15% से ऊपर है। किसानों की आय दोगुनी करने का दावा भी पूरा नहीं हुआ और कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में 750 से अधिक किसानों की जान गई। - वोटर लिस्ट में हेरफेर
खरगे ने आरोप लगाया कि बिहार की तर्ज पर देशभर में लाखों वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह गरीबों, दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और वंचित तबकों के अधिकारों की चोरी है, जो लोकतंत्र पर सीधा हमला है। - चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद पारदर्शी चुनावों पर टिकी है, लेकिन अब चुनाव आयोग की भूमिका संदिग्ध हो चुकी है। उन्होंने आयोग पर विपक्ष से एफिडेविट मांगने और जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया। - अर्थव्यवस्था और GST पर हमला
खरगे ने नोटबंदी और “गलत GST” को देश की अर्थव्यवस्था को पटरी से उतारने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि लाखों युवा बेरोजगार हो गए और सरकार अब उन्हीं सुधारों को लागू कर रही है, जिनकी मांग कांग्रेस पहले से करती रही है।
इस तरह, पटना की बैठक से कांग्रेस ने साफ कर दिया कि बेरोजगारी, किसान संकट, वोटर लिस्ट, चुनाव आयोग की निष्पक्षता और अर्थव्यवस्था—ये पांच मुद्दे उसके चुनावी अभियान का आधार बनने वाले हैं।
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