कटिहार, 09 सितंबर । जिले में गंगा, कोसी, बरांडी और कारी कोसी नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। कुर्सेला, बरारी, अमदाबाद, मनिहारी और मनसाही अंचलों की 49 ग्राम पंचायतों के 331 गांव तथा तीन नगर पंचायतों के 21 वार्ड बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। जिला प्रशासन के अनुसार अब तक 6,09,234 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन, भोजन, स्वास्थ्य, पेयजल और पशु चारा सहित आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करते हुए राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है।
आपदा प्रबंधन मंत्री ने लिया जायजा
बाढ़ की स्थिति के बीच बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा ने मनिहारी और बरारी अंचल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।
इसके बाद विकास भवन सभागार में स्थानीय विधायकों, विधान पार्षदों, जिला परिषद सदस्यों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मंत्री ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए।
160 सामुदायिक रसोई में करीब तीन लाख लोगों को भोजन
प्रशासन के अनुसार विस्थापित और जलमग्न क्षेत्रों के लोगों के लिए बरारी, कुर्सेला, मनिहारी और अमदाबाद में 160 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इनके माध्यम से अब तक 2,95,010 लोगों को भोजन कराया जा चुका है।
नए प्रभावित इलाकों में जरूरत को देखते हुए 91 अतिरिक्त सामुदायिक रसोई केंद्र भी शुरू किए जा रहे हैं।
102 नावों से आवागमन की व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन सुगम बनाने के लिए विभिन्न अंचलों में 102 नावों का परिचालन किया जा रहा है। इनमें बरारी में 26, मनिहारी में 25, कुर्सेला में 24 और अमदाबाद में 14 नावें शामिल हैं।
41 स्वास्थ्य शिविरों में 2,993 मरीजों का इलाज
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया है। अब तक 41 स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से 2,993 मरीजों का इलाज किया जा चुका है। वर्तमान में 24 दैनिक स्वास्थ्य शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा पांच बोट एम्बुलेंस भी तैनात की गई हैं।
10,560 पॉलीथिन शीट का वितरण
बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच अब तक 10,560 पॉलीथिन शीट वितरित की गई हैं। पशुओं की देखभाल के लिए पांच पशु चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं, जहां अब तक 1,273 पशुओं का इलाज किया गया है।
प्रशासन की ओर से 130.30 क्विंटल सूखा पशु चारा भी वितरित किया गया है।
51 चापाकल और 44 अस्थायी शौचालय लगाए
प्रभावित इलाकों में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने 51 चापाकल लगाए हैं। इसके अलावा 44 अस्थायी शौचालय स्थापित किए गए हैं।
24 घंटे काम कर रहा आपातकालीन संचालन केंद्र
किसी भी आपात स्थिति में सहायता और सूचना के लिए जिला आपातकालीन संचालन केंद्र 24 घंटे पालीवार संचालित किया जा रहा है। लोग दूरभाष संख्या 06452-239025, 239026 और 242400 पर संपर्क कर सकते हैं।
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से बाढ़ के पानी में नहीं जाने की अपील की है।






