–सोहार एंकरेज के पास हुई घटना, स्थानीय अधिकारियों ने चालक दल को सुरक्षित निकाला; पर्यावरणीय नुकसान की जानकारी नहीं
मस्कट/तेहरान, 12 अक्टूबर। ओमान के सोहार एंकरेज के पास एक भारतीय क्रूड ऑयल टैंकर पर ड्रोन से हमला किया गया है। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने इस घटना की पुष्टि की है। हमले के बाद से दो भारतीय नाविक लापता बताए जा रहे हैं।जहाज पर सवार 11 भारतीय नाविकों में से 9 को बचा लिया गया हैं। हमले के पीछे किसका हाथ है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
पिछले 3 दिनों में इस क्षेत्र में भारतीय क्रू वाले 3 जहाजों पर हमले हुए हैं। इनमें से एक हमला एमटी वाल्थेरा पर हुआ था, जिसके बाद जहाज में आग लग गई थी। भारत ने जहाजों पर होने वाले हमले तुरंत रोकने को कहा है।
बिना चालक वाले हवाई वाहन से किया गया हमला
गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यूकेएमटीओ ने अपने अपडेट में बताया कि सोहार एंकरेज के पास क्रूड ऑयल टैंकर को बिना चालक वाले हवाई वाहन यानी ड्रोन से निशाना बनाया गया। घटना के बाद स्थानीय अधिकारियों ने चालक दल को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई की।
हमले के कारण टैंकर को हुए नुकसान और समुद्र में तेल फैलने की आशंका को लेकर तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल सकी। पर्यावरण पर इसके संभावित प्रभाव का भी आकलन सामने नहीं आया है।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा है कि भारतीय अधिकारी स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर लापता नाविकों को खोजने की कोशिश कर रहे हैं।
ओमान की राजधानी मस्कट में भारतीय दूतावास भी मामले पर नजर रख रहा है और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है।
भारत ने तुरंत हमले रोकने को कहा
भारतीय विदेश मंत्रालय ने व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों की निंदा की है। भारत ने सभी पक्षों से तुरंत तनाव कम करने और व्यापारिक जहाजों, नाविकों व नागरिक ठिकानों पर हमले रोकने को कहा है।
मंत्रालय ने कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। संघर्ष का हल बातचीत और कूटनीति से निकाला जाना चाहिए। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों से व्यापार को सुरक्षित और बिना रुकावट जारी रखने पर भी जोर दिया।
ईरानी अधिकारी का दावा- अमेरिका ने सात में से कुछ शर्तें मानीं
इस बीच, ईरानी अधिकारी मोहसेन रेजाई ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर दावा किया कि अमेरिका ने संघर्ष समाप्त करने के लिए ईरान की सात शर्तों में से कुछ को स्वीकार कर लिया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव रेजाई ने कहा कि अमेरिका कुछ शर्तों पर सहमत हुआ है, लेकिन तेहरान उसके जवाब को नाकाफी मानता है।
रेजाई ने वाशिंगटन पर होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने में विफल रहने और कथित तौर पर तस्करी का सहारा लेने का आरोप भी लगाया। उन्होंने अपने बयान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की आलोचना की।
होर्मुज में सामान्य जहाजरानी बहाल करने की पेशकश
रेजाई के अनुसार, ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि यदि अमेरिका उसकी मांगें स्वीकार कर लेता है, तो तेहरान सात दिनों के भीतर सामान्य जहाजरानी बहाल कर सकता है। उनके बयान के मुताबिक, अमेरिका ने कतर के मध्यस्थों के माध्यम से जवाब दिया है।
हालांकि, ईरानी अधिकारी के दावों और वार्ता की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। ओमान के पास टैंकर पर हुए ड्रोन हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी तनाव के बीच समुद्री सुरक्षा की स्थिति पर नजर बनी हुई है।
दुनिया के जहाजों पर 3.20 लाख से ज्यादा भारतीय नाविक
भारत दुनिया में व्यापारिक जहाजों के लिए नाविक उपलब्ध कराने वाले बड़े देशों में शामिल है। जहाजरानी मंत्रालय के मुताबिक, 2025 में भारत में 3.20 लाख से ज्यादा सक्रिय नाविक थे।
अमेरिका और इजराइल की ओर से 28 फरवरी को ईरान पर हमले शुरू किए जाने के बाद से होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमलों में भारतीय नाविकों की मौत की घटनाएं भी सामने आई हैं।
पिछले हफ्ते विदेश मंत्रालय ने ओमान के तट के पास पनामा के झंडे वाले एक जहाज पर हुए हमले की निंदा की थी। मंत्रालय ने क्षेत्र में जहाजों पर हो रहे हमलों को रोकने और शांति बनाए रखने की अपील की थी।






