एसआईआर के बीच ऑफलाइन आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र जारी करने पर बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल, राज्य सरकार पर प्रक्रिया प्रभावित करने का लगाया आरोप

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रांची, 05 सितंबर। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। मरांडी ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के बीच सरकार की ओर से ऑफलाइन आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जारी करने का आदेश दिया गया है।

सरकार पर एसआईआर प्रभावित करने का आरोप

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए राज्य सरकार हर तरह के हथकंडे अपना रही है। उन्होंने दावा किया कि गोड्डा में बूथ लेवल एजेंट (बीएलए)-2 के रूप में अधिकृत भाजपा कार्यकर्ता को हिरासत में लिया गया है।

हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

अधिकारियों के झामुमो कार्यक्रम में शामिल होने पर सवाल

मरांडी ने साहिबगंज में सरकारी अधिकारियों के झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संताल परगना के पाकुड़, राजमहल, लिट्टीपाड़ा और महेशपुर जैसे विधानसभा क्षेत्रों में 2019 से 2024 के बीच मतदाताओं की संख्या में एक विशेष समुदाय की असामान्य वृद्धि की बात सामने आती रही है।

ऑफलाइन प्रमाण पत्रों के दुरुपयोग की जताई आशंका

भाजपा नेता ने आशंका जताई कि ऑफलाइन प्रमाण पत्रों का दुरुपयोग कर अपात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जा सकते हैं या गलत तरीके से दर्ज नामों को बचाया जा सकता है।

उन्होंने चुनाव आयोग से एसआईआर प्रक्रिया को बिना किसी राजनीतिक दबाव के निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरा कराने की मांग की। साथ ही मतदाता सूची में हुई कथित असामान्य वृद्धि की जांच और संदिग्ध नामों के सत्यापन की भी मांग की।

योग्य मतदाताओं के नाम नहीं हटने चाहिए : मरांडी

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी योग्य मतदाता का नाम मतदाता सूची से न हटे और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न रहे। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

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