नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार से सेशेल्स की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। यह यात्रा भारत और सेशेल्स के बीच रणनीतिक साझेदारी, समुद्री सुरक्षा सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि
प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती (50वीं वर्षगांठ) समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह निमंत्रण सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी द्वारा दिया गया है, जो दोनों देशों के मजबूत संबंधों का प्रतीक है।
द्विपक्षीय बैठक पर नजर
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी के बीच उच्चस्तरीय वार्ता होगी। इस बैठक में दोनों देश समुद्री सहयोग, रक्षा, व्यापार और विकास साझेदारी सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा करेंगे। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
संसद को करेंगे संबोधित
प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स की नेशनल असेंबली को भी संबोधित करेंगे। यह संबोधन दोनों देशों के लोकतांत्रिक संबंधों को और मजबूत करने का संदेश देगा।
भारतीय समुदाय से मुलाकात
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री वहां रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे और उन्हें संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम प्रवासी भारतीयों के साथ जुड़ाव को और सुदृढ़ करेगा।
2015 के बाद पहली यात्रा
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले साल 2015 में सेशेल्स गए थे। लगभग एक दशक बाद उनकी यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।
रणनीतिक महत्व
हिंद महासागर क्षेत्र में सेशेल्स का महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थान है। ऐसे में यह यात्रा भारत की ‘सागर’ (Security and Growth for All in the Region) नीति को आगे बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा सिर्फ एक राजनयिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका और मजबूत होती वैश्विक साझेदारी का संकेत है।






