अमेरिका ने ईरान नाकाबंदी से दो और युद्धपोत वापस बुलाए, शांति वार्ता में विश्वास का संकट, इजराइली हमले में लेबनान की पत्रकार की मौत

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वाशिंगटन/तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने नाकाबंदी में शामिल दो और जहाजों को पीछे हटाने का निर्णय लिया है। अब तक कुल 31 जहाजों को वापस लौटने के निर्देश दिए जा चुके हैं।

शांति वार्ता में भरोसे का संकट

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा संघर्ष विराम बढ़ाने की घोषणा के बावजूद ईरान ने बातचीत में लौटने से इनकार कर दिया है। ईरान का कहना है कि उसे अमेरिकी आश्वासनों पर भरोसा नहीं है और मौजूदा हालात में वार्ता संभव नहीं है।

नाकाबंदी और सैन्य तैनाती

13 अप्रैल से शुरू अमेरिकी कार्रवाई में बड़ी सैन्य तैनाती देखी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें हजारों सैनिक, कई युद्धपोत और विमान शामिल हैं। ईरान ने आरोप लगाया है कि उसके बंदरगाहों की घेराबंदी ही वार्ता में बाधा बन रही है।

समुद्र में बढ़ता तनाव

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो विदेशी जहाजों को कब्जे में लेने और एक अन्य पर कार्रवाई करने का दावा किया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि उनका देश बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन दबाव और धमकी से समाधान नहीं निकलेगा।

व्हाइट हाउस का बयान

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलीन लेविट ने कहा कि संघर्ष विराम की अवधि तय करना पूरी तरह राष्ट्रपति का फैसला है और फिलहाल कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है।

इजराइली हमले में पत्रकार की मौत

इस बीच इजराइल के हमले में लेबनान की पत्रकार अमल खलील की मौत हो गई है। लेबनान ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लक्षित हमला बताया है।

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