रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने झारखंड प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 के तहत कक्षा छह से आठ के भाषा शिक्षकों का संशोधित अतिरिक्त परीक्षाफल जारी कर दिया है। आयोग ने तीन नवंबर 2026 को सूचना संख्या 105 जारी कर परिणाम प्रकाशित किया। इसमें राज्य के 22 जिलों के कुल 1,265 अभ्यर्थियों को शामिल किया गया है। जिलावार सूची में रांची के सबसे अधिक 155 अभ्यर्थी सफल हुए हैं, जबकि 130 अभ्यर्थियों के साथ पलामू दूसरे स्थान पर है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में संशोधन
आयोग के अनुसार, परीक्षाफल में संशोधन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में किया गया है। मामला आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर सामान्य श्रेणी में शामिल किए जाने से संबंधित है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि किसी वैधानिक रोक के अभाव में अधिक मेधावी आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को केवल प्रशासनिक निर्देश के आधार पर सामान्य श्रेणी में जाने से नहीं रोका जा सकता।
आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में सिविल अपील संख्या 8259/2019 (गवर्नमेंट ऑफ एनसीटी दिल्ली एवं अन्य बनाम प्रदीप कुमार एवं अन्य) में पारित आदेश के अनुपालन का उल्लेख किया है। इसके अलावा 17 सितंबर 2026 को कंटेम्प्ट पिटीशन (सिविल) डायरी संख्या 43106/2025 में पारित आदेश को भी संशोधन का आधार बताया गया है।
रांची में सबसे अधिक, पलामू दूसरे स्थान पर
संशोधित अतिरिक्त परीक्षाफल में रांची जिले के 155, पलामू के 130, गिरिडीह के 103 और हजारीबाग के 66 अभ्यर्थी शामिल हैं। जिलावार सफल अभ्यर्थियों की संख्या इस प्रकार है:
| जिला | अभ्यर्थी |
|---|---|
| रांची | 155 |
| पलामू | 130 |
| गिरिडीह | 103 |
| हजारीबाग | 66 |
| गढ़वा | 65 |
| बोकारो | 64 |
| देवघर | 64 |
| चतरा | 62 |
| गोड्डा | 59 |
| धनबाद | 58 |
| सरायकेला-खरसावां | 56 |
| पूर्वी सिंहभूम | 55 |
| गुमला | 50 |
| खूंटी | 43 |
| दुमका | 40 |
| जामताड़ा | 36 |
| पश्चिमी सिंहभूम | 35 |
| पाकुड़ | 28 |
| लोहरदगा | 27 |
| रामगढ़ | 23 |
| लातेहार | 23 |
| सिमडेगा | 23 |
| कुल | 1,265 |
पहले जारी परिणाम को किया गया निरस्त
आयोग ने संबंधित विषय का पूर्व में प्रकाशित परीक्षाफल रद्द करते हुए संशोधित अतिरिक्त परिणाम जारी किया है। नई सूची में अभ्यर्थियों का रजिस्ट्रेशन नंबर, शिक्षक का प्रकार, आरक्षण श्रेणी और आवंटित जिला दर्ज किया गया है।
कुछ अभ्यर्थियों का परिणाम अब भी लंबित
आयोग ने स्पष्ट किया है कि कुछ अभ्यर्थियों का परिणाम विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों, रिक्तियों से जुड़े विवाद और अनिवार्य प्रमाणपत्रों या अभिलेखों की अनुपलब्धता के कारण रोका गया है। संबंधित मामलों में न्यायालय के आदेश मिलने और अभ्यर्थियों की ओर से आवश्यक प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए जाने के बाद परिणाम में संशोधन किया जा सकता है।
आयोग ने यह भी कहा है कि प्रकाशित परीक्षाफल में किसी प्रकार की त्रुटि या टंकण संबंधी गलती पाए जाने पर उसे सुधारने का अधिकार उसके पास सुरक्षित रहेगा।






