रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा-2023 पेपर लीक मामले में CID की SIT ने कार्रवाई तेज कर दी है। शुक्रवार को SIT ने मामले में चार और अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में धनबाद निवासी दीपक कुमार साव, विजय कुमार तिवारी, आनंद कुमार सिंह और बिहार के आरा निवासी उमेश कुमार राय शामिल हैं।
वहीं, मामले में गुरुवार को गिरफ्तार किए गए दो प्रमुख आरोपियों सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार को CID ने पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया है। दोनों से पूछताछ कर पेपर लीक मामले से जुड़े नेटवर्क और अन्य संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
गिरिडीह के बेंगाबाद में भी CID की छापेमारी
CGL घोटाले की जांच कर रही रांची CID की SIT ने गुरुवार, 27 अगस्त की रात गिरिडीह जिले के बेंगाबाद में भी छापेमारी की थी। इस दौरान टीम ने बेंगाबाद चौक स्थित एक मिठाई दुकान से CGL परीक्षा में सफल ASO समीर उर्फ शालू को पकड़ा।
जानकारी के अनुसार, समीर छुट्टी पर रांची से बेंगाबाद आया था और बाजार स्थित अपने प्रतिष्ठान में परिजनों के साथ मिठाई बेच रहा था। CID की टीम ने उसके घर से कुछ सामान और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
वहीं, मामले में आरोपी बताए जा रहे अभय तिवारी का ससुराल भी बेंगाबाद थाना क्षेत्र के हातबोड़ गांव में बताया जा रहा है।
अभय तिवारी के कनेक्शन की जांच
सूत्रों के अनुसार, भर्ती घोटाले के कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी के बेंगाबाद कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। आरोप है कि अभय तिवारी के संपर्क के माध्यम से बेंगाबाद और आसपास के कुछ युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित रूप से लाभ पहुंचाकर नौकरी दिलाने की कोशिश की गई।
इसी कड़ी में CID की टीम बेंगाबाद और आसपास के इलाकों में संभावित संपर्कों तथा परीक्षा से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। जांच टीम डिजिटल साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारियों को भी खंगाल रही है।
बढ़ सकता है आरोपियों का दायरा
SIT की जांच आगे बढ़ने के साथ पेपर लीक मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आने की संभावना है। चार नए अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी और दो आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिए जाने के बाद CID को मामले के नेटवर्क की अहम कड़ियां मिलने की उम्मीद है।





