JPSC-JSSC मामले पर बंद लिफाफे में CID रिपोर्ट क्यों?बाबूलाल मरांडी ने फिर पूछा- क्या कुछ छिपाना चाहती है सरकार

Share

रांची, 16 सितंबर । नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जेपीएससी-जेएसएससी से जुड़े मामलों में राज्य सरकार की ओर से सीआईडी की जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में बंद लिफाफे में पेश किए जाने को लेकर सवाल उठाया है। उन्होंने पूछा कि सीआईडी की रिपोर्ट बंद लिफाफे में ही क्यों दी जा रही है और वह भी चार सप्ताह बाद।

48 घंटे में रिपोर्ट दाखिल करने के अदालत के निर्देश का किया जिक्र

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह राहत की बात है कि हाईकोर्ट ने रिपोर्ट दाखिल करने के लिए सरकार को केवल 48 घंटे का समय दिया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार पारदर्शिता से डर रही है।

उन्होंने पूछा कि क्या 22 परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले के पीछे ऐसी कोई जानकारी है, जिसे सरकार सार्वजनिक नहीं करना चाहती।

परीक्षा रद्द करने से आगे जिम्मेदारी तय करने का सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूरा मामला केवल परीक्षाएं रद्द करने तक सीमित नहीं है। असली सवाल यह है कि परीक्षाओं में गड़बड़ी कैसे हुई, इसके लिए जिम्मेदार कौन है और उन लाखों छात्रों का क्या होगा, जिन्होंने इन परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों लगाए हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मामले में पारदर्शिता जरूरी है और जांच के निष्कर्षों को लेकर स्पष्टता होनी चाहिए।

JSSC-CGL जांच का भी उठाया मुद्दा

बाबूलाल मरांडी ने JSSC-CGL मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि पिछली बार सीआईडी की जांच में भी कई सवाल उठे थे।

उनके अनुसार, JSSC-CGL परीक्षा से पहले नेपाल, बिहार और बंगाल में 135 प्रश्नों के लीक होने की जानकारी सामने आई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सीआईडी ने इस मामले को केवल ठगी का मामला बताया और हाईकोर्ट को गुमराह किया।

22 परीक्षाओं को लेकर युवाओं की चिंता का किया जिक्र

भाजपा नेता ने कहा कि झारखंड के लाखों युवाओं के मन में अब यह सवाल है कि JPSC-JSSC की 22 परीक्षाओं के मामले में कहीं वही स्थिति दोहराई तो नहीं जा रही है।

उन्होंने कहा कि अदालत को जवाब बंद लिफाफे में दिया जा सकता है, लेकिन लाखों युवाओं के सवालों को बंद लिफाफे में बंद नहीं किया जा सकता।

CBI जांच की मांग दोहराई

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि युवाओं को न्याय दिलाने के लिए पूरे मामले की CBI जांच जरूरी है। उन्होंने सरकार से परीक्षा रद्द करने के फैसले के साथ-साथ गड़बड़ी की वजह और जिम्मेदार लोगों की पहचान को लेकर भी स्पष्टता की मांग की।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
November 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
30