नई दिल्ली, 06 अक्टूबर। चुनाव आयोग और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ INDIA ब्लॉक के सांसदों ने मंगलवार को संसद भवन से निर्वाचन सदन तक विरोध मार्च शुरू किया। मार्च में 140 से अधिक विपक्षी सांसदों के शामिल होने का दावा किया गया। निर्वाचन सदन के पास पहुंचने पर दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग कर मार्च को रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेता वहीं धरने पर बैठ गए।
विरोध प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस के अलावा RAF और CISF के जवानों की भी तैनाती की गई है। पुलिस ने प्रदर्शन और यातायात व्यवस्था को देखते हुए कई प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन भी किया है।
नई दिल्ली जिले में 3000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 3000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुरुषों की 27 कंपनियां और महिलाओं की चार कंपनियां तैनात की गई हैं।
एक पुलिस कंपनी में आम तौर पर करीब 100 से 115 जवान होते हैं। संसद भवन, पार्लियामेंट स्ट्रीट गोलचक्कर, निर्वाचन सदन और अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है।
RAF और CISF के जवान भी तैनात
INDIA ब्लॉक के मार्च को देखते हुए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों की भी बड़ी संख्या में तैनाती की गई है। इसके अलावा CISF के जवान भी महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी भी बढ़ा दी है। पुलिसकर्मी बॉडी कैमरा लगाकर ड्यूटी कर रहे हैं। नई दिल्ली जिले के डीसीपी सचिन शर्मा भी बॉडी कैमरा लगाकर मौके की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।

कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन
विरोध मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की है। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के कारण कनॉट प्लेस, पटेल चौक- मुख्य डाकघर, विंडसर प्लेस- मुख्य डाकघर, अशोक रोड, जंतर-मंतर रोड और आसपास के इलाकों में यातायात को डायवर्ट किया गया है।
पुलिस ने वाहन चालकों से इन मार्गों से बचने और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की है।
संजय राऊत बोले- इतने पुलिस बल की क्या जरूरत?
INDIA ब्लॉक के मार्च में शामिल होने के लिए शिवसेना-यूबीटी सांसद संजय राऊत भी दिल्ली पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती पर सवाल उठाया।
संजय राऊत ने कहा कि विपक्षी सांसद केवल चुनाव आयोग के कार्यालय तक जाकर अपनी बात रखना चाहते हैं। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात करने की जरूरत नहीं थी।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी तीखी टिप्पणी की और उनके इस्तीफे की मांग की। उनके कुछ आरोपों को विपक्षी नेता के राजनीतिक बयान के तौर पर देखा जाना चाहिए।

AAP ने INDIA ब्लॉक के मार्च से बनाई दूरी
इस बीच आम आदमी पार्टी (AAP) ने INDIA ब्लॉक के इस मार्च से दूरी बना ली है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह SIR के मुद्दे पर अपनी लड़ाई अलग तरीके से लड़ रही है और इस विरोध मार्च में शामिल नहीं होगी।
AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि SIR को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। उनके अनुसार, पार्टी इसे लोगों और देश से जुड़ा मुद्दा मानती है।
संजय सिंह ने कहा कि विभिन्न संगठन और राजनीतिक समूह SIR के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन INDIA गठबंधन के इस मार्च में AAP शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अपने तरीके से इस मुद्दे पर लड़ाई लड़ रही है।
SIR को लेकर विपक्ष लगातार उठा रहा सवाल
SIR को लेकर विपक्षी दल लगातार चुनाव आयोग की प्रक्रिया और उसके प्रभाव पर सवाल उठाते रहे हैं। INDIA ब्लॉक के नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
वहीं, चुनाव आयोग की प्रक्रिया और SIR से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद लगातार सामने आ रहे हैं। मंगलवार का मार्च इसी राजनीतिक टकराव के बीच आयोजित किया गया।
निर्वाचन सदन के बाहर विपक्षी नेताओं के धरने के कारण सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बनी हुई है और दिल्ली पुलिस पूरे इलाके में कानून-व्यवस्था तथा यातायात की स्थिति पर नजर रख रही है।






