—पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के छात्र प्रतीक राजकुमार ने अस्पताल में तोड़ा दम, बीआईटी मेसरा और आईआईआईटी रांची में भी सामने आ चुके हैं छात्रों की मौत के मामले
धनबाद। आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के छात्र प्रतीक राजकुमार की मौत के बाद राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पिछले डेढ़ महीने के भीतर झारखंड के तीन प्रमुख तकनीकी शिक्षण संस्थानों में छात्रों की मौत की घटनाएं सामने आई हैं।
हॉस्टल की आठवीं मंजिल से नीचे गिरे छात्र
ताजा घटना शनिवार, 31 अक्टूबर की है। आईआईटी धनबाद के छात्र प्रतीक राजकुमार हॉस्टल की 15 मंजिला इमारत की आठवीं मंजिल से नीचे गिर गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। प्रतीक मूल रूप से महाराष्ट्र के अहमदपुर के रहने वाले थे। फिलहाल उनकी मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
बीआईटी मेसरा में छात्रा का मिला था शव
इससे पहले 19 सितंबर को रांची स्थित बीआईटी मेसरा में एमएससी फिजिक्स की छात्रा अंजली सुमन का शव हॉस्टल के कमरे में मिला था। अंजली गोड्डा जिले के महागामा की रहने वाली थीं। उनका शव कमरे में पंखे से लटका मिला था। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी।
आईआईआईटी रांची के छात्र की मौत पर हुआ था प्रदर्शन
वहीं, अक्टूबर में आईआईआईटी रांची के प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार की मौत का मामला सामने आया था। बिहार के पूर्णिया निवासी आदित्य का शव खेलगांव स्थित संस्थान के हॉस्टल के कमरे में मिला था। इस घटना के बाद संस्थान परिसर में छात्रों ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने चिकित्सा सुविधाओं और आपातकालीन व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए थे।
छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ी चिंता
डेढ़ महीने के भीतर तीन संस्थानों में छात्रों की मौत की घटनाओं ने उच्च शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। साथ ही छात्र-छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य, परामर्श सुविधा और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
इन घटनाओं के मद्देनजर संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा, समय पर चिकित्सा सहायता और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहयोग की व्यवस्था को लेकर ध्यान देने की जरूरत महसूस की जा रही है।






