DVC उपभोक्ताओं को झटका, बिजली दरों में 40% तक बढ़ोतरी; किसानों को राहत

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रांची: दामोदर वैली कॉरपोरेशन (DVC) के उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है। नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नया टैरिफ ऑर्डर जारी करते हुए बिजली दरों में 40% तक की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। हालांकि, डीवीसी ने 45% वृद्धि का प्रस्ताव दिया था, जिसे समीक्षा के बाद कम कर दिया गया।

इस फैसले के पीछे सुप्रीम कोर्ट के 6 अगस्त 2025 के आदेश का अहम असर बताया जा रहा है, जिसमें ‘रेगुलेटरी एसेट्स’ को खत्म कर टैरिफ को लागत आधारित बनाने का निर्देश दिया गया था।

बढ़ोतरी के मुख्य बिंदु

नए टैरिफ के तहत आयोग ने 2026-27 के लिए 6,822.20 करोड़ रुपये की वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR) को मंजूरी दी है, जिसके चलते दरों में भारी उछाल आया है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं के बिल में 0.35 रुपये प्रति यूनिट का अतिरिक्त सरचार्ज भी जोड़ा जाएगा, जिसे चार वर्षों में खत्म करने की योजना है।

किसानों को राहत

बिजली दरों में भारी वृद्धि के बावजूद कृषि उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे किसानों को राहत मिली है।

घाटे पर सख्ती

आयोग ने डीवीसी के वितरण घाटे के प्रस्ताव (3.52%) को घटाकर 3.00% कर दिया है, ताकि बिजली आपूर्ति में दक्षता बढ़े और नुकसान कम हो।

डिजिटल भुगतान और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा

नई नीति में उपभोक्ताओं को राहत देने और आधुनिक व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं—

  • प्रीपेड मीटरिंग: अपनाने पर ऊर्जा शुल्क में 3% की छूट
  • त्वरित भुगतान: 5 दिनों के भीतर बिल चुकाने पर 2% की छूट
  • सोलर ऊर्जा: रूफटॉप सोलर के लिए नई दरें तय
  • ग्रीन टैरिफ: 0.45 रुपये प्रति यूनिट अतिरिक्त देकर हरित ऊर्जा विकल्प

क्यों बढ़ी दरें?

आयोग के मुताबिक यह बढ़ोतरी अनिवार्य है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि ‘रेगुलेटरी एसेट्स’ के नाम पर राजस्व वसूली टालना उचित नहीं है और इसे केवल विशेष परिस्थितियों में ही लागू किया जाना चाहिए। इसी के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि ऐसी परिसंपत्तियां कुल ARR के 3% से अधिक न हों।

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