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BREAKING: ट्रंप के ईरान युद्ध अधिकार पर अमेरिकी संसद ने लगाई रोक, 215-208 वोटों से प्रस्ताव पास

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वाशिंगटन: अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन ‘प्रतिनिधि सभा’ (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के अधिकारों को सीमित करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया है। यह प्रस्ताव 215 के मुकाबले 208 वोटों से पारित हुआ।

डेमोक्रेट्स के प्रस्ताव को रिपब्लिकन समर्थन

इस प्रस्ताव को डेमोक्रेट्स ने पेश किया था, लेकिन चार रिपब्लिकन सांसदों—ओहियो के वॉरेन डेविडसन, पेंसिल्वेनिया के ब्रायन फिट्ज़पैट्रिक, मिशिगन के टॉम बैरेट और केंटकी के थॉमस मैसी—ने भी इसका समर्थन किया।

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क्या कहता है प्रस्ताव

प्रस्ताव में कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप ईरान या उसकी सेना के खिलाफ अमेरिकी सशस्त्र बलों का उपयोग तब तक नहीं कर सकते, जब तक कि कांग्रेस युद्ध की औपचारिक घोषणा या बल प्रयोग की अनुमति देने वाला कानून पारित न कर दे।

अब सीनेट में होगी अगली प्रक्रिया

प्रतिनिधि सभा से पारित यह प्रस्ताव अब सीनेट में भेजा जाएगा। हालांकि, यह एक समवर्ती प्रस्ताव है, इसलिए इसे कानून का दर्जा नहीं मिलेगा और इसे राष्ट्रपति के पास हस्ताक्षर के लिए नहीं भेजा जाएगा।

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‘संविधान का पालन’—डेमोक्रेट्स

मतदान के बाद हाउस की विदेश मामलों की समिति के वरिष्ठ डेमोक्रेट ग्रेगरी मीक्स ने कहा कि कांग्रेस ने संविधान के अनुरूप कदम उठाया है और अब राष्ट्रपति को युद्ध में शामिल होने के कारणों को स्पष्ट करना चाहिए।

रिपब्लिकन नेतृत्व की आपत्ति

वोटिंग से पहले हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने इस कदम का विरोध करते हुए कहा कि इस समय राष्ट्रपति से कमांडर-इन-चीफ के अधिकार छीनना खतरनाक हो सकता है।

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व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि यह प्रस्ताव कुछ रिपब्लिकन सदस्यों की अनुपस्थिति के कारण पारित हुआ। साथ ही उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए अपने संवैधानिक अधिकारों का उपयोग जारी रखेंगे।

यह प्रस्ताव अमेरिका में कार्यपालिका और विधायिका के बीच शक्तियों के संतुलन को लेकर चल रही बहस को एक बार फिर केंद्र में ले आया है। अब नजर सीनेट की कार्रवाई पर टिकी है, जहां इस प्रस्ताव का भविष्य तय होगा।

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