तेल मार्ग पर संकट: अमेरिका की चेतावनी; होर्मुज स्ट्रेट बंद हुआ तो ईरान पर बरपेगा कहर, भारत की भी बढ़ी चिंता

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वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से छिड़ी जंग के बीच सोमवार रात बड़ी घोषणा की। उन्होंने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने के खिलाफ कहर बरपाने की चेतावनी दी। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के तेल उद्योग के लिए एक जरूरी आवागमन का माध्यम है। इस युद्ध से तेल की निकासी लगभग ठप हो चुकी है। इससे युद्ध शुरू होने के बाद से तेल की कीमतें बढ़ गई हैं।

सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने ट्रुथ सोशल पर कहा, “अगर ईरान की वजह से होर्मुज स्ट्रेट के अंदर तेल की निकासी रुक जाती है तो अमेरिका अब तक हुए हमलों से बीस गुना शक्तिशाली हमला करेगा। इससे ईरान का देश के तौर पर फिर से बनना लगभग नामुमकिन हो जाएगा। वहां सिर्फ आग होगी। बावजूद इसके मैं उम्मीद करता हूं कि ऐसा न हो।”

राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमले शुरू करने के बाद सोमवार रात अपने पहले आधिकारिक संवाददाता सम्मेलन में मियामी-एरिया गोल्फ क्लब में कई बार ईरान को धमकी दी कि अगर वह होर्मुज स्ट्रेट को अवरुद्ध करता है तो वह उस पर हमले बढ़ा देंगे। उन्होंने सीबीएस न्यूज से कहा कि वह इस जलमार्ग पर नियंत्रण करने पर विचार कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा, “मैं लड़कियों के स्कूल पर बमबारी की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा हूं।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “मुझे बताया गया कि इसकी जांच चल रही है, लेकिन टॉमहॉक्स का इस्तेमाल दूसरे देश और लोग भी करते हैं। कई देशों के पास टॉमहॉक्स हैं। वे हमसे खरीदते हैं। अंतिम जांच रिपोर्ट को वह स्वीकार करेंगे।” इससे पहले शनिवार को ट्रंप ने कहा था कि उन्हें लगता है कि यह लड़कियों के स्कूल पर बमबारी ईरान ने खुद की थी।

उन्होंने कहा कि वह ईरान के नए नेता के रूप में मोजतबा खामेनेई के चयन से निराश हैं। मगर यह ईरान का अंदरूनी मसला है। ट्रंप का कहना है कि यह युद्ध इस हफ्ते खत्म नहीं होगा, लेकिन “जल्द” होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इस युद्ध में ईरान पर 5,000 से ज्यादा स्थानों पर सटीक हमले किए हैं। अमेरिका चाहे तो वह कभी ईरान की विद्युत उत्पादन इकाइयों को तबाह कर सकता है। उन्होंने कहा कि युद्ध में अमेरिकी दखल के बिना इजराइल “खत्म” हो जाता।

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान की सेना तेल टैंकरों को रोकती है तो उसे इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। ट्रंप ने कहा कि इस लड़ाई में अमेरिका के खड़े होने पर उन्हें गर्व है। हमारा सैन्य अभियान अपने मकसद को पूरा करने की दिशा के अहम पड़ाव पर पहुंच चुका है

होर्मुज स्ट्रेट का महत्व

यह फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित अत्यंत संकरा और रणनीतिक समुद्री जलडमरूमध्य है। यह ईरान (उत्तर में) और ओमान/यूएई (दक्षिण में) को अलग करता है। यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल निकासी का माध्यम है। यहां से वैश्विक समुद्री तेल का लगभग 20-30 प्रतिशत हिस्सा हर दिन गुजरता है। यह ओमान के मुसन्दम प्रायद्वीप और ईरान के बीच लगभग 39 किलोमीटर (24 मील) चौड़ा जलमार्ग है। सऊदी अरब, ईरान, कुवैत, इराक और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों से कच्चा तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) का निर्यात इसी रास्ते से होता है। यह विश्व अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस मार्ग में किसी भी तरह की रुकावट से वैश्विक तेल कीमतों में भारी उछाल आने की संभावना रहती है।

भारत के लिए अहम: भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का अधिकांश हिस्सा (लगभग दो-तिहाई तेल) इसी रास्ते से आयात करता है। इसलिए यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से भू-राजनीतिक तनाव का केंद्र रहा है, जहां ईरानी और अमेरिकी नौसेना के बीच अकसर आमना-सामना होता रहता है।

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